सोमवार दोपहर से पहले एनटीपीसी प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्य याचिकाकर्ता सुग्रीव वर्मा के नेतृत्व में डीएम विवेक से मुलाकात की। शिकायती पत्र देते हुए कहा गया कि उनके द्वारा अभी भूमि एनटीपीसी को भूमि नहीं दिया गया है। इसके बाद भी उनकी भूमि पर जबरदस्ती एनटीपीसी द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है, इसके बाद भी काम कराया जा रहा है। उन्होंने एनटीपीसी द्वारा निर्माण कार्य कराए जाने का लिखित प्रमाण मांगा। सुग्रीव के अनुसार डीएम ने उनसे आरटीआई के तहत सूचना मांगे जाने का सुझाव दिया।
डीएम द्वारा कहा गया है कि आरटीआई के तहत सूचना मांगे जाने पर ही वे लिखित रूप से निर्माण कार्य जारी होने की जानकारी दे सकते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उन्हें लिखित रूप से जानकारी नहीं दी गई, तो आगामी 5 मार्च से कलक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
इस दौरान अनिल दुबे, जोखूराम वर्मा, राकेश, यदवीर, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार इससे पहले ग्रामीणों ने सोमवार को कार्यस्थल पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और कहा कि जबरन काम नहीं होने देंगे।