अंबेडकरनगर। सीएचसी टांडा व बेवाना के साथ ही आठ पीएचसी की लैब में ब्लड काउंट सेल मशीन की स्थापना होगी। एक सप्ताह के अंदर संबंधित मशीन से जांच शुरू हो जाएगी। इससे संबंधित अस्पताल में मरीजों को हीमोग्लोबिन व कणिकाओं समेत 20 पैरामीटर जांच की सुविधा निशुल्क मिलने लगेगी। अब तक यह सुविधा सिर्फ जिला अस्पताल में ही है। ऐसे में जांच के लिए मरीजों को अब जिला अस्पताल की दौड़ लगाने से राहत मिलेगी।
हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, लाल रक्त कणिका व श्वेत रक्त कणिका समेत 20 पैरामीटर की जांच की सुविधा सिर्फ जिला अस्पताल में होने के चलते संबंधित जांच के लिए जिले के दूरदराज के क्षेत्र से मरीजों को लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को न सिर्फ आर्थिक चपत लगती है बल्कि समय की बर्बादी भी होती है।
मरीजों को इससे राहत दिलाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने अब सीएचसी व पीएचसी पर भी इस प्रकार की जांच की सुविधा प्रदान करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रथम चरण में जिले में दो सीएचसी व आठ पीएचसी पर संबंधित जांच के लिए ब्लड काउंट सेल मशीन की स्थापना की जाएगी। मालूम हो कि जिले में दस सीएचसी व 29 पीएचसी संचालित हैं।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार सीएचसी बेवाना, टांडा, पीएचसी बंदीपुर, बड़ेपुर, पीएचसी अशरफपुर बरवां, ब्राहिमपुर कुसमा, एंनवां, हंसवर, माडरमऊ व पीएचसी जमुनीपुर में ब्लड काउंट सेल मशीन लगाई जाएगी। इसमें से सीएचसी टांडा व बेवाना के अलावा पीएचसी बड़ेपुर, बंदीपुर व पीएचसी अशरफपुर बरवां में मशीन पहुंच गई जबकि शेष जगह मंगलवार को पहुंच जाएंगी। इसके साथ ही एक सप्ताह के अंदर मशीन का संचालन भी प्रारंभ कर दिया जाएगा
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डिजिटल होंगी पांच सीएचसी लैब
मरीजों की बेहतर जांच के लिए जिले की पांच सीएचसी डिजिटल होंगी। इसके तहत मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनके मोबाइल पर ही जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी। सीएमओ कार्यालय के अनुसार जिन पांच सीएचसी की लैब को डिजिटल किया जाएगा, उनमें सीएचसी कटेहरी, जलालपुर, बसखारी, आलापुर व सीएचसी टांडा शामिल हैं। दस दिन के अंदर संबंधित सीएचसी स्थित लैब में जांच के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। इसके लिए संबंधित लैब में कंप्यूटर पहुंच गया है जबकि इंटरनेट की व्यवस्था तेजी से की जा रही है।
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एक सप्ताह में शुरू होगी जांच
दो सीएचसी व तीन पीएचसी पर ब्लड काउंट मशीन पहुंच गई हैं। इसके अलावा पांच पीएचसी में मंगलवार तक संबंधित मशीन पहुंच जाएंगी। इसके बाद एक सप्ताह के अंदर जांच शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ