अंबेडकरनगर। जिले में मंगलवार को पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर धान बिक्री के लिए एक भी किसान नहीं पहुंचा। ऐसे में एक छटांक धान भी जिले में नहीं खरीदा जा सका है। इक्का-दुक्का किसान संबंधित क्रय केंद्र पर बिक्री संबंधित कागजात लेकर ही पहुंचे। उधर, धान बिक्री के लिए अब तक जिले में 15645 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है। छह हजार 911 किसानों के सत्यापन का कार्य भी पूरा हो गया है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित पांच एजेंसियों के कुल 71 केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद का कार्य प्रारंभ जरूर हुआ, लेकिन पहले दिन एक छटांक धान नहीं खरीदा जा सका। वैसे तो सभी धान क्रय केंद्रों पर खाद्य एवं विपणन विभाग ने जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर लिए जाने का दावा किया है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे क्रय केंद्र हैं, जहां बोरा नहीं पहुंच सके हैं। धान बिक्री को लेकर किसानों की सुविधा के लिए जिले में कुल 71 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
इसमें खाद्य विभाग के 22, पीसीएफ के 39, यूपीएसएस के सात, मंडी समिति के दो व भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र शामिल हैं। जिले को एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन धान खरीदे जाने का लक्ष्य मिला है।
इस बीच पहले दिन मंगलवार को लगभग सभी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र खुले भी और क्रय केंद्र प्रभारी भी लगभग सभी केंद्रों पर मौजूद रहे, लेकिन बिक्री के लिए एक भी किसान संबंधित केंद्र पर नहीं पहुंचा। दरअसल अभी धान बिक्री लायक पूरी तरह से तैयार नहीं है। हुसेनपुर खुर्द स्थित क्रय केंद्र के प्रभारी अयोध्या सिंह ने कहा कि केंद्र पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। कहा कि पहले दिन बिक्री के लिए किसान धान लेकर तो नहीं पहुंचे, लेकिन बिक्री संबंधित कागजात जरूर लेकर आए।
जहांगीरगंज स्थित क्रय केंद्र पर विपणन निरीक्षक राजेश कुमार यादव मौजूद थे। उन्होंने केंद्र प्रभारी को खरीद से संबंधित निर्देश दिए। इस बीच इसी केंद्र पर गांव के किसान वेदप्रकाश, राजेश दुबे, संजय पांडेय समेत कई किसान बिक्री संबंधित कागजात लेकर पहुंचे। कुछ ऐसा ही हाल अन्य केंद्रों पर भी रहा। जिले में तीन लाख 85 हजार से अधिक किसानों ने एक लाख 17 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की बोआई की है।
किया जा रहा सत्यापन
जिन किसानों ने धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, उनके सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। उपज की बिक्री करने में किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए किसानों को चाहिए कि जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण करा लें।
राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी