अंबेडकरनगर। प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के लिए मतदान केंद्र व मतदेय स्थल बनाए जाने के मानकों में बदलाव किया गया है। नयी व्यवस्था के तहत अब लोकसभा चुनाव में 15 सौ वोटरों पर एक पोलिंग बूथ बनेगा। इसके चलते जिले में 18 मतदान केंद्रों के साथ ही 177 मतदेय स्थलों का वजूद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी नए दिशा निर्देश के बाद प्रस्तावित चुनाव के दौरान जिले में मतदान के लिए 1125 मतदान केंद्रों पर 1898 बूथ ही बनेंगे। जबकि बीते चुनाव में जिले में 1149 मतदान केंद्र व 2075 बूथ थे। इसके तहत सर्वाधिक 11 मतदान केंद्र व 46 पोलिंग बूथ जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में कम होंगे।
एडीएम अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि नए मानक के आधार पर मतदान केंद्र व बूथों की सूची का जो प्रस्ताव भेजा गया था उसे चुनाव आयोग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। ऐसे में अब आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए जिले में 1125 मतदान केंद्र व 1898 बूथ ही बनेंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां में जुटने लगा है।
इसके लिए मतदान केंद्रों के साथ ही बूथों के निर्धारण की सूची बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रस्तावित चुनाव में मतदान केंद्र व बूथ बनाए जाने को लेकर आयोग ने जो नया निर्देश दिया है उससे मतदान केंद्र के साथ साथ बूथ भी कम हो गए हैं। बीते लोकसभा चुनाव में जहां 1200 मतदाताओं पर एक पोलिंग बूथ बनाया गया था वहीं इस बार 1500 वोटरों पर एक बूथ बनेगा। नए मानक अमल में आने के बाद जिले के18 मतदान केेेंद्रों व 177 बूथों का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जलालपुर विधानसभा क्षेत्र
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार सबसे अधिक 11 मतदान केंद्र व 46 मतदेय स्थल जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में समाप्त हुए हैं। यहां बीते लोकसभा चुनाव में 260 मतदान केंद्र व 461 बूथ थे। इसकी संख्या इस बार चुनाव में 249 केंद्र व 415 बूथ रह जाएगी। इसी प्रकार अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में अब 198 केंद्र व 350 मतदेय स्थल आलापुर में अब 234 केंद्र व 370 पोलिंग बूथ रह जाएंगे। बीते चुनाव के मुकाबले यहां 4 मतदान केंद्र व 34 बूथ कम हुए हैं। इसी तरह टांडा विधान सभा में अब 371 केंद्र व 339 बूथ, कटेहरी विधान सभा में अब 273 केंद्र व 424 बूथ मतदान के लिए बनेंगे।