मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मारपीट व लूट के लगभग 10 वर्ष पुराने मामले में आरोपी रहे भीटी के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत चार लोगों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामला भीटी थाना क्षेत्र से जुड़ा लगभग 10 वर्ष पुराना है।
थाना क्षेत्र के खमपुर ग्राम पंचायत के मजरा बसंतपुर गांव निवासी रामधन ने तत्कालीन भीटी थानाध्यक्ष ओमप्रकाश यादव समेत चार लोगों के विरुद्ध मारपीट व लूट का परिवाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में दाखिल किया था।
इसकी सुनवाई के उपरांत थानाध्यक्ष समेत सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय ने पूर्व में सम्मन जारी किया था। इसी जिले में तैनात होने के बावजूद ओमप्रकाश यादव कभी न्यायालय पर हाजिर नहीं हुए। इसे संज्ञान में लेते हुए सीजेएम ने थानाध्यक्ष ओपी यादव के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
बताते चलें कि रामधन ने भीटी के तत्कालीन एसओ ओपी यादव सहित दो पुलिसकर्मी तिलकधारी और द्वारिका प्रसाद के अलावा ग्रामीण रामकरन के विरुद्ध वर्ष 2006 में विभिन्न धाराओं में लूट व मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
रामधन के अधिवक्ता अनिरुद्ध वर्मा की बहस सुनने के बाद सीजेएम राजेशमणि त्रिपाठी ने चारों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। गौरतलब है कि टांडा में कोतवाली प्रभारी रहे ओमप्रकाश यादव को बीते दिनों एक शादी समारोह में हुई छूरेबाजी की घटना में लापरवाही बरते जाने के चलते पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर दिया है।