अंबेडकरनगर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रात में हल्के व भारी वाहनों का सफर खतरा बनता जा रहा है। रात्रि गश्त व सुरक्षा के कागजी दावों के कारण बेखौफ बदमाश एक्सप्रेसवे पर रात के समय भारी वाहनों से डीजल की चोरी के साथ ही लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हाइवे पर वाहनों से लूट के लिए सक्रिय बदमाशों का यह गैंग ढाबों व फूड प्लाजा के बाहर खड़े ट्रकों व वाहनों को अपना निशाना बनाता है।
जानकारों की मानें तो सशस्त्र बदमाशों के इस गैंग में छह से सात सदस्य शामिल हैं। जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए असलहों के साथ लूट व छिनौती की घटना को अंजाम देते हैं। बीते दो माह में ट्रकों व अन्य वाहनों से हुई ऐसी आधा दर्जन से अधिक घटनाओं के बाद भी यूपीडा का गश्ती दल बदमाशों की धरपकड़ तो दूर इनके बारे में सटीक जानकारी तक नहीं जुटा पाया है। एक्सप्रेस वे से जुड़े जिलों की पुलिस भी शिकायत के बावजूद इन घटनाओं की रोकथाम को लेकर पूरी तरह उदासीन बनी है।
अंबेडकरनगर से लखनऊ तक के बीच पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रात में ट्रकों व चार पहिया वाहनों का सफर असुरक्षित व चुनौतीपूर्ण हो गया है। एक्सप्रेसवे पर अंधेरा होते ही बदमाशों का सक्रिय गैंग फूड प्लाजा अथवा शौचालय के समक्ष सड़क किनारे खड़े ट्रकों को अपना निशाना बना रहा है।
हॉकी व डंडों के साथ ही असलहा से लैस यह बदमाश मुख्य तौर पर ट्रकों की टंकी से डीजल की चोरी के साथ ड्राइवर व क्लीनर का कीमती समान व नकदी लूटने का काम बड़ी सफाई से कर फरार हो जाते हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर इस तरह की घटनाएं बाराबंकी, लखनऊ, सुल्तानपुर व अमेठी जनपद की सीमाओं में घटित होने के बावजूद संबंधित थानों की पुलिस भी इन मामलों की रिपोर्ट लिखने व बदमाशों को पकड़ने को लेकर पूरी तरह उदासीन रहती है। हादसे का शिकार होने वाले ट्रक चालकों द्वारा ऐसे मामलों की जानकारी यूपीडा के गश्त दल को देने के कारण ही स्थानीय पुलिस ऐसी घटनाओं से अपना किनारा बनाए रखती है।
पलक झपकते निकल जाता तेल
गैंग में शामिल बदमाशों द्वारा बड़े वाहनों की टंकियों से डीजल की चोरी व लूट का कार्य आंख झपकते ही हो जाता है। बीते दिनों डीजल चोरी की ऐसी ही एक घटना का शिकार हुए ट्रक चालक रंजीत पांडेय ने बताया कि वाहनों से डीजल निकाल लेने वाले बदमाश एक विशेष किस्म की मशीन का प्रयोग करते हैं। वह टैंक के ऊपर लगे ढक्कन का लॉक तोड़ कर उसमें मशीन का पाइप डाल देते हैं। मशीन में लगे पाइप का दूसरा हिस्सा बदमाशों के माल वाहन में रखे ड्रम से होता है। अधिकतम पांच मिनट में ट्रक के टैंक में भरा सौ लीटर डीजल चोरी हो जाता है।