रात के समय शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी चौकी से लेकर निगरानी प्वाइंट तक सोते मिले पुलिसकर्मियों के भरोसे है। गुरुवार आधी रात के बाद परखी गयी शहर की रात्रि कालीन सुरक्षा की व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे चलती मिली। इस दौरान अकबरपुर नगर के शहजादपुर तथा कस्बा पुलिस चौकी के सिपाही जहां चौकी का दरवाजा बंद कर सोते मिले वहीं प्रमुख बाजारों से लेकर नेशनल हाईवे से जुड़े प्रवेश व निकास प्वाइंट पर भी सुरक्षा ड्यूटी को एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं दिखा। इतना ही नहीं नेशनल हाईवे पर भी नाइट पेट्रोलिंग का दावा पूरी तरह कागजी दिखा। प्रमुख कस्बों में तो पुलिस की चौकसी देेखने को मिली, लेकिन तमाम बड़ी बाजारों में रात्रि सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं थे। लगभग आधा दर्जन थाना क्षेत्रों का चक्कर लगाने के दौरान अधिकांश मार्गों पर 112 टीम भी रात्रि गश्त व निगरानी प्वाइंट से गायब मिली। सिर्फ कुर्की बाजार के निकट 112 टीम की दो गाड़ियां मौजूद मिलीं।
लापरवाही पर होगा एक्शन
पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सिन्हा का कहना है कि निर्धारित ड्यूटी स्थल से नदारद मिले पुलिस कर्मियों से रात्रिकालीन सुरक्षा को लेकर जवाब तलब होगा। समुचित जवाब न मिलने पर कार्रवाई भी होगी। रात में सुरक्षा को लेकर अत्यंत कड़े निर्देश हैं। प्रमुख बाजारों में भी सुरक्षा तय करने को निर्देशित करते हुए डायल 112 से जुड़ी टीमों का मूवमेंट भी बढ़ाया जाएगा।
सन्नाटे में चौकी, सोते मिले पुलिसकर्मी
रात 2.15 बजे अकबरपुर नगर की शहजादपुर पुलिस चौकी सन्नाटे में डूबी मिली। यह स्थान अत्यंत ही संवेदनशील माना जाता है क्योंकि किसी भी घटना को अंजाम देकर बदमाश पल भर में छूमंतर हो सकते हैं। इसके बाद बावजूद यहां पुलिस चौकी का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। किसी पुलिसकर्मी को बाहर रहकर ड्यूटी देने की सुध नहीं थी। दीवार से झांकने पर बरामदे में मौजूद दो पुलिस कर्मी कुर्सी पर पैर फैलाए सोते दिखे।
ढूंढने पर भी नहीं मिला कोई पुलिसकर्मी
रात के 11.50 मिनट पर जलालपुर नगर में जमालपुर तिराहा मालीपुर मार्ग तिराहा, पोस्ट ऑफिस तथा मित्तूपुर रोड चौराहा आदि जगहों पर तो पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखे। जबकि रामगढ़ रोड पर नगर के बाहर काफी दूर तक कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखा। सीएचसी नगपुर के साथ ही एक बड़ा निजी अस्पताल भी इलाके में होने के बावजूद यहां पुलिसकर्मियों की कोई मौजूदगी नहीं दिखी। इससे आगे बढ़ने पर फूकनपुर बाजार में भी पुलिसकर्मी ड्यूटी से नदारद मिले।
बंद मिला चौकी का दरवाजा
दो बजकर 32 मिनट पर अकबरपुर नगर की कस्बा पुलिस चौकी पर कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं दिखा। रात के समय किसी अनहोनी के दौरान जरूरतमंद के यहां पहुंचने पर उनकी समस्या सुनने के लिए कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यहां भी दरवाजा अंदर से बंद था। जंगले से देखने पर अंदर एक व्यक्ति सादे ड्रेस में सोता मिला।
सड़क मार्गों पर नदारद चौकसी
प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा को लेकर न सिर्फ थानों की पुलिस टीम वरन डायल 112 पुलिस टीम की लापरवाही भी देखने को मिली। रात 11.30 मिनट पर अकबरपुर से जलालपुर के लिए निकली तो संबंधित मार्ग पर अकबरपुर कोतवाली, सम्मनपुर थाना तथा जलालपुर कोतवाली की पुलिस टीम या फिर डायल 112 की टीम का कोई भी सिपाही गश्त करता नहीं मिला। इसी तरह की लापरवाही जलालपुर नगर से बसखारी तक के लंबे व संवेदनशील मार्ग पर देखने को मिली।
रामभरोसे नेशनल हाईवे की सुरक्षा
नेेशनल हाईवे की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आई। रात एक बजे से लेकर पौने दो बजे के दौरान नेशनल हाईवे 232 व नेशनल हाईवे 233 का जायजा लेने पर कोई भी पेट्रोलिंग टीम कही भी नहीं दिखी। इतना ही नहीं नेशनल हाईवे के प्रवेश व निकास प्वाइंट पर लोग बिना किसी पुलिस जांच के खौफ के फर्राटा भरते मिले। सम्हरिया चौराहे को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर स्थानों पर सुरक्षा भगवान भरोसे थी। इसी तरह बसखारी मार्ग पर अकबरपुर नगर के बाहरी छोर पर एनएच के प्रवेश व निकास प्वाइंट पर भी कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखा।
किछौछा तिराहे के निकट सन्नाटा
बसखारी थाना क्षेत्र में रात 12.35 बजे किछौछा तिराहे के निकट भी पुलिस की कोई निगरानी टीम नहीं दिखी। यह स्थान काफी संवेदनशील माना जाता है। घना आबादी क्षेत्र होने के बावजूद इस तिराहे पर रात के समय कोई ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। टीम आगे बढ़ी तो किछौछा नगर पंचायत कार्यालय के निकट कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।
बाजार में भी नही दिखी कोई सुरक्षा
रात 12.50 बजे करीब सम्मनपुर थाना क्षेत्र के बरियावन बाजार में सुरक्षा निगरानी के लिए एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखा। बाजार का मुख्य चौराहा जो कई थाना क्षेत्र की सीमा को जोड़ता है, वहां भी सन्नाटा पसरा था। चौराहे पर सुरक्षा के लिए तैनात सिपाही व दरोगा ड्यूटी से नदारद मिले। हालांकि सैदापुर पुलिस चौकी पर कैमरे का फ्लैश चमकते ही पुलिसकर्मी सजग होते दिखे।