अंबेडकरनगर। गोरखपुर की 10 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर सवा तीन साल तक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने दोषी मंजर उर्फ बिरिला को 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बसखारी क्षेत्र के गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के व्यक्ति ने 25 सितंबर 2021 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 13 सितंबर 2021 को उसकी 10 वर्षीय पुत्री कहीं गायब हो गई है। वह अपनी पुत्री के साथ किछौछा दरगाह पर जियारत करने आए थे। मामले में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस की तफ्तीश में पता चला कि मंजर उर्फ बिरिला निवासी रानू खां का पुरवा जलालपुर ने मुंह पर टेप लगाकर अपहरण कर लिया था और अपने साथ बिहार ले गया था। यहां उसके साथ मासूम से दुष्कर्म किया। इसके बाद जलालपुर में कमरे में बंद कर कई दिनों तक दुष्कर्म किया था। 24 जनवरी 2024 को पीड़िता ने वहां से बाहर निकलकर स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने मामले में बयान व मेडिकल परीक्षण के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य तमाम धाराएं बढ़ाई और मंजर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद प्रकरण की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।