अंबेडकरनगर। अकबरपुर के मीरपुर शेखपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को प्रवाचक शांतनु महाराज ने भागवत महापुराण के उद्भव, उसके उद्देश्य और उसके संदेशों का वर्णन किया।
प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन होता है। यह कोई साधारण कथा नहीं, बल्कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का वाणी रूप है। भागवत वह दीप है जो अज्ञान के अंधकार को दूर करता है और जीवन में प्रकाश भरता है।जब-जब संसार में धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब श्रीकृष्ण की लीला और भागवत कथा मानवता को पुनः धर्म के मार्ग पर लाने के लिए उत्पन्न होती है। श्रीकृष्ण नाम का स्मरण ही पवित्रता का आरंभ है। शांतनु ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का नाम केवल उच्चारण नहीं, यह आत्मा की शुद्धि का माध्यम है। कृष्ण नाम का श्रवण ही जीवन में आनंद का प्रसाद है। जो व्यक्ति पूर्व जन्मों के पुण्य का अधिकारी होता है, वही इस कथा के श्रवण का भाग्य पाता है। इस दौरान यजमान यजमान डॉ. उदय प्रताप सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, गंगा सिंह, गंगा बक्स सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, बाबा राम शब्द यादव, हवलदार सिंह, प्रदीप सिंह व अन्य उपस्थित रहे।