अंबेडकरनगर। अकबरपुर के वैष्णोपुरम कॉलोनी में राम कथा के छठवें दिन रविवार को रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया।प्रवाचक जगजीवन पांडेय ने बताया कि कर्तव्य पालन जीवन का मूल आधार है। कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक है।
परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।नेतृत्व वही सार्थक है, जो जनहित पर आधारित हो।अनुशासन और मर्यादा से जीवन में स्थिरता आती है। कथा के माध्यम से मर्यादा, कर्तव्य और अनुशासन जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा गया।कथा के दौरान राम जन्म, वनगमन, भरत मिलाप और राम राज्य की अवधारणा से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया। प्रवाचक ने कहा कि राम का जीवन आदर्शों पर आधारित था, जिसमें व्यक्तिगत इच्छाओं से अधिक समाज और परिवार के हित को महत्व दिया गया। कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संयम बनाए रखना ही सच्चा धर्म है।रामायण का प्रत्येक अध्याय जीवन के किसी न किसी पक्ष को समझाने का कार्य करता है। राम कथा का मूल उद्देश्य समाज में नैतिकता और अनुशासन को बढ़ावा देना है। रामायण में पारिवारिक संबंधों, मित्रता, शासन व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों को संतुलित रूप में प्रस्तुत किया गया है।