विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। तहसील टांडा में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध बुधवार को खुलकर सामने आ गया। लंबे समय से तहसीलदार निखिलेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध और उनकी अदालत के बहिष्कार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने के दौरान नारेबाजी करते हुए तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग उठाई गई। अधिवक्ता दिलीप मांझी ने कहा कि तहसील टांडा में तैनाती के दौरान तहसीलदार का आचरण लगातार विवादों में रहा है। बीते वर्ष भी उनके खिलाफ घूसखोरी के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। धरने में अजय प्रताप श्रीवास्तव, मोहम्मद हेलाल, अब्दुल माबूद, श्रीकांत वर्मा सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे। धरना सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चला। इस बीच अधिवक्ता संघ टांडा के अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह और महामंत्री राजेश सिंह ने धरने में भाग नहीं लिया। इसे लेकर आम अधिवक्ताओं और संगठन पदाधिकारियों के बीच बहस भी हुई। बाद में सहमति बनी कि बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ टांडा की ओर से आम सभा की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में तहसीलदार के विरोध को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस आश्वासन के बाद धरना अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया। अधिवक्ता संघ टांडा के अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को आम सभा की बैठक में सभी पक्षों की राय लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।