अंबेडकरनगर। जिले में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गिरोह को ट्रेस करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। जैतपुर में बुजुर्ग से हुई दस लाख की ठगी हो या अकबरपुर की महिला से 3.50 लाख की लूट, पुलिस अब तक केवल साक्ष्य जुटाने की कवायद में ही उलझी है।
जैतपुर निवासी बुजुर्ग से ठगी गई 10 लाख रुपये की राशि कोलकाता के कोटक महिंद्रा बैंक से निकाले जाने की पुष्टि हुई है। क्षेत्राधिकारी शुभम कुमार ने बताया कि संबंधित बैंक से संपर्क कर सीसीटीवी फुटेज मंगवाई जा रही है। फुटेज मिलने के बाद त्रिनेत्र एप के जरिये अपराधियों का मिलान किया जाएगा, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित कर लोकेशन का पता लगाया जा सके। इससे पूर्व अकबरपुर की एक महिला को 26 जून 2025 को साइबर अपराधियों ने दिल्ली मुख्यालय का अधिकारी बनकर फोन किया था।
जालसाजों ने आधार कार्ड में छेड़छाड़ का डर दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया और किसी को कुछ न बताने के लिए धमकाया। इसके बाद सात जुलाई को महिला से 3.50 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करा लिए। जांच में सामने आया कि यह रकम तमिलनाडु और मुंबई के खातों से निकाली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी है।