अंबेडकरनगर। गन्ना किसान अपने मोबाइल के इनबॉक्स को खाली रखें। गत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष एसएमएस के जरिए पर्ची भेजने में दिक्कत आ रही है। गत वर्ष जहां 95 प्रतिशत एसएमएस डिलीवर हो रहे थे, वहीं इस बार 85 प्रतिशत एमएसएस डिलीवर हो रहे हैं। ऐसे में तकनीकी दिक्कत, मोबाइल नंबर बदलना, मोबाइल का इनबॉक्स फुल होना आदि हो सकता है। ऐसे में जरूरत है कि किसान इन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर लें, जिससे गन्ना पर्ची आसानी से उनके पास तक पहुंच सके।
यह जानकारी जिला गन्ना अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण गुप्त ने दी। बताया कि कोरोना महामारी के चलते गत वर्ष से किसानों को गन्ने की पर्ची एसएमएस के जरिए मोबाइल पर भेजी जा रही है। परंतु इस बार मोबाइल पर पर्ची मुहैया कराने में कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं। गत वर्ष जहां 95 प्रतिशत एसएमएस डिलीवर हो रहे थे, वहीं इस बार 85 प्रतिशत ही डिलीवर हो पा रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि किसान अपने मोबाइल सेट को दुरुस्त रखें।
यदि किसी किसान ने मोबाइल नंबर बदल दिया है तो वह अविलंब नया नंबर अपडेट करा दें। साथ ही मोबाइल के इनबॉक्स को खाली रखें, 24 घंटे में एक बार मोबाइल को स्विच ऑफ कर ऑन कर लें, नेटवर्क एरिया का विशेष ख्याल रखें, डू नॉट डिस्टर्ब आदि सेवाओं का कारण भी एसएमएस पहुंचने में बाधक हो सकता है। ऐसे में किसानों की जिम्मेदारी है कि वह इन समस्याओं का ध्यान रखें। इससे उन्हें पर्ची मुहैया होने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।