उधर सब्जियों व अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम में फिलहाल तो वृद्धि नहीं है, लेकिन हड़ताल लंबी खिंचने पर दाम बढना तय माना जा रहा है। इससे आम लोगों को समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस बीच दाम में वृद्धि की संभावना को देखते हुए तमाम ग्राहकों ने थोक में आलू व प्याज खरीदना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाट आंदोलन विकराल रूप लेता जा रहा है। अधिकांश रेलवे ट्रैक व एनएच पर आंदोलनकारियों का कब्जा होने से पंजाब व हरियाणा से होकर सब्जियों व अन्य खाद्य सामग्रियों का आयात प्रभावित हो रहा है।
इससे पंजाब व हरियाणा के निकटवर्ती प्रांतों में सब्जियों व अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में उछाल आने की संभावना बनी हुई है। जाट आंदोलन के चलते फिलहाल अंबेडकरनगर में खाद्य सामग्रियों के दाम पर कोई असर नहीं है, लेकिन चावल उद्योग प्रभावित हुआ है।
दरअसल पंजाब के कई क्षेत्रों में चावल भेजे जाने के लिए हरियाणा के कई भाग से होकर वाहनों का आवागमन होता था। अब रूट डायवर्ट कर वाहनों को जाना पड़ रहा है। उद्योग व्यापार मण्डल के प्रांतीय संगठन मंत्री गोविंदराम अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा आंदोलन के कारण अब सहारनपुर व अंबाला होकर यहां से चावल भेजे जा रहे हैं।
उधर आंदोलन लंबा चला तो सब्जियों पर असर दिखना तय माना जा रहा है। जिले में आलू व अन्य सब्जियों की बड़ी खेप जहां बड़ी मात्रा में कानपुर व वाराणसी से जनपद में आती है, वहीं प्याज नासिक से मंगाई जाती है। अन्य खाद्य सामग्रियां भी अधिकांशत: कानपुर व वाराणसी से आती हैं।
ऐसे में आंदोलन का फिलहाल जिले में सब्जियों व अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम में किसी प्रकार का प्रभाव पड़ता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि यदि आंदोलन लंबा खिंचा, तो जिन शहरों से जिले को खाद्य सामग्रियां मिलती हैं, वहां खाद्य सामग्रियों की आमद कम होने का असर यहां आगामी दिनों में निश्चित तौर पर दिखाई पड़ेगा।
जिले के आलू व प्याज के थोक विक्रेताओं का मानना है कि यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव दाम पर पड़ेगा। आलू के थोक विक्रेता नसीर अहमद ने कहा कि फिलहाल आंदोलन का कोई प्रभाव नहीं है। मौजूदा समय में आलू फुटकर में 8 से 10 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है।
प्याज के थोक विक्रेता मुन्ना व नूर मोहम्मद ने बताया कि मौजूदा समय में प्याज फुटकर में 12 से 15 रुपये प्रति किग्रा बिक रही है। प्याज नासिक से मंगाई जाती है। ऐसे में यदि आंदोलन लंबा खिंचता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव प्याज के दाम पर पडना तय है।
उधर आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के मद्देनजर सब्जियों व खाद्य सामग्रियों के दाम में होने वाली वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों ने थोक में आलू व प्याज खरीदना शुरू कर दिया है। शिक्षिका सत्यवती व सरोज ने कहा कि उन्होंने दो दो पसेरी आलू व प्याज खरीदकर रख लिया है। अधिवक्ता राधेश्याम व अंगद ने कहा कि दाम बढने की संभावना को देखते उन्होंने थोक मात्रा में प्याज खरीदकर रख दी है।