अंबेडकरनगर। सम्मनपुर बाजार में मेडिकल स्टोर की आड़ में संचालित अवैध क्लीनिक में गर्भपात के दौरान युवती की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। 14 अगस्त की घटना को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार की ओर से गठित जांच टीम दस्तावेज की जांच कर रही है।
कटका क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती करीब छह माह की गर्भवती थी। आरोप है कि उसका प्रेमी प्रमोद उसे घर से बहाने से सम्मनपुर बाजार स्थित मेडिकल स्टोर की आड़ में संचालित क्लीनिक पर ले गया था। वहां गर्भपात के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने क्लीनिक संचालक इंद्रजीत और युवती के प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी।
घटना के बाद सामने आया था कि उक्त स्थान पर लंबे समय से प्रसव और गर्भपात कराए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब इस बिंदु को भी जांच के दायरे में लेकर यह पता कर रही है कि इस पूरे खेल में किसकी-किसकी भूमिका रही है। यहां इस्तेमाल की गई दवाओं और उपचार की प्रक्रिया का भी पता लगाया जा रहा है।
सीएमओ द्वारा गठित टीम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी, सीएचसी जलालपुर के अधीक्षक डॉ. पीके बादल, ड्रग इंस्पेक्टर आलोक द्विवेदी और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नायला शामिल हैं। टीम जांच के बाद रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी। इसके आधार पर संबंधित लोगों और संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम अपने स्तर से जांच कर रही है। एक सप्ताह का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में सभी बिंदुओं को देखने के निर्देश दिए गए हैं। - प्रमोद कुमार, सीएमओ