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जाली नोट बनाने वाले अंतर जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश

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अंबेडकरनगर। जनपद पुलिस ने जाली नोट बनाने वाले अंतर जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। सम्हरिया चौराहे के निकट मंगलवार को सुबह घेराबंदी कर अलीगंज पुलिस व स्वाट टीम ने दो बाइकों पर सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से 6 लाख 22 हजार 800 रुपये मिले, जो जांच में जाली निकले। इसके अलावा आरोपियोें से एक प्रिंटर, तीन मोबाइल एवं फोरजी हॉट स्पॉट डिवाइस भी बरामद हुई। चारों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जाली नोट मिलने की जांच एटीएस ने भी शुरू कर दी है।
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अलीगंज पुलिस थानाध्यक्ष नागेंद्र सरोज के नेतृत्व में मंगलवार को सुबह कलवारी पुल के निकट जांच कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से जानकारी मिली कि दो बाइकों पर सवार चार युवक आजमगढ़ की तरफ से बस्ती जनपद की तरफ हाईवे से जा रहे हैं। उनके पास लाल व काले रंग का बैग है। इस पर पुलिस टीम ने सम्हरिया चौराहे के पास घेराबंदी कर दी।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सूचना मिलने पर सम्हरिया के निकट जब स्वाट टीम व पुलिस ने घेराबंदी की तो इसी बीच दो बाइकों पर चार युवक आते दिखे। इनके पास लाल व काले रंग का बैग भी था। पुलिस टीम को देखते ही वे बाइक मोड़कर भागने लगे। इस पर पुलिस कर्मियों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया।
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एसपी ने बताया कि जब उनकी तलाशी ली गई, तो बैग से 6 लाख 22 हजार 800 रुपये मिले। उनकी जांच में वे जाली निकले। इसके अलावा आरोपियों से एक प्रिंटर, तीन मोबाइल व फोरजी हॉट स्पॉट डिवाइस भी बरामद हुई। बताया कि पकड़े गए युवकों की पहचान नौशाद निवासी बरौली थाना फूलपुर आजमगढ़, सरफराज निवासी कोहड़ा थाना पवई जनपद आजमगढ़ लालमन यादव निवासी भरमा ढढिया थाना पवई आजमगढ़ तथा लालबहादुर निवासी शहजेरपुर थाना फूलपुर जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। बाद में सभी आरोपियोें को जेल भेज दिया गया। इस बीच जाली नोट मिलने की जांच एटीएस ने भी शुरू कर दी है। एटीएस टीम ने ऑनलाइन माध्यम से कई सवाल जवाब आरोपियों से किए। जनपद पुलिस से भी डिटेल एटीएस टीम ने मांगा है।
आरोपी एक साल से बना रहे थे जाली नोट
आरोपी लगभग एक वर्ष से जिले में जाली नोट बनाने का काम कर रहे थे। एसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि स्थानीय स्तर पर ही नोटों को बनाकर उन्हें यहीं खपाया जा रहा था। पांच सौ व दो सौ जाली नोट बनाने का अपराध आरोपियों ने कुबूल किया है। उनके द्वारा बताया गया कि वे सब लगभग एक वर्ष से जाली नोट बनाने का काम कर रहे थे। असली नोटों के अलग-अलग नंबर मिलान कर जाली नोट तैयार किए जा रहे थे। इन नोटों को मुख्य रूप से सब्जी, फल, किराना व शराब आदि की दुकानों पर चलाया जाता था। एसपी ने बताया कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। यह भी दिखवाया जा रहा है कि किसी और क्षेत्र में तो ऐसा कोई अवैध कारोबार नहीं हो रहा है।
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