बसखारी। जिलाधिकारी शुक्रवार दोपहर अचानक बसखारी विकास खंड कार्यालय पहुंच गए। डीएम के ब्लाक कार्यालय पहुंचते ही कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। बाहर घूम रहे कर्मचारी भाग कर कार्यालय पहुंच गए। निरीक्षण में छह कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईजीआरएस पंजिका के निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई।
शुक्रवार को अचानक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम राकेश कुमार मिश्र को लोकमित्र दिव्यांशु पाण्डेय, सफाई कर्मी महेन्द्र, रामचन्द्र व कासिम, डीईओ राजेश कुमार तथा डीसी यशवंत सिंह गैर हाजिर मिले। इन सभी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। डीएम ने बीडीओ बसखारी मंगलाप्रसाद से गांवों में चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।
पशु आश्रय केन्द्रों में सुविधाओं को मुकम्मल रखने का निर्देश दिया। कहा कि पशु आश्रय केन्द्र पर किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। पशुओं के चारे, पानी व छांव आदि की बेहतर व्यवस्था की जाए। शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए निर्देशित किया। कहा कि कार्यों को लटकाने के बजाए समय सीमा के अंदर निस्तारित करने की आदत डालें। सरकार की मंशा है कि पात्रों को सरकारी योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिले, और तय समय में मिले।
लाभार्थी को बार बार कार्यालय न दौड़ाया जाए। डीएम ने निरीक्षण में कहा कि अभिलेखों का रख रखाव ठीक किया जाए। शिकायत पत्रावली में शिकायतों का क्रमांक व अन्य सूचनाएं व्यवस्थित की जाएं। किस शिकायत के निस्तारण में कितना समय लगा इसकी जानकारी रजिस्टर देखने पर ही हो जानी चाहिए। कर्मचारियों को सचेत किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस मौके पर प्रभारी जिला सूचना अधिकारी महेशचंद्र द्विवेदी, एडीओ पंचायत जेपी सिंह व रामदयाल पांडेय आदि मौजूद रहे।