आलापुर में सजा दूल्हे का रथ। संवाद
अंबेडकरनगर। लगन की शुरुआत होने के साथ ही लोग बेटे-बेटियों की शादी को यादगार बनाने में जुट गए हैं। इसके लिए क्या किया जाए और क्या नहीं, इस पर काफी विचार किया जा रहा है। सहालग में इस बार दूल्हों को बग्घी और लग्जरी कार की सवारी खूब भा रही है। बाजारों की रौनक भी बढ़ गई है। साथ ही शादी वाले घरों में ढोलक की थाप पर नाचने-गाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
खरमास के दौरान बाजार में सन्नाटा पसरा था। व्यापारी भी खरमास समाप्त होने और बाजार में चहल-पहल बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। मकर संक्रांति के बाद से बाजारों की रौनक लौट आई। जिन घरों में वैवाहिक आयोजन हैं, उस परिवार के लोग सुबह 10 बजे बाजार करने निकल पड़ते हैं। सराफा, कपड़ा, बर्तन आदि दुकानों पर पहुंचकर अपनी पसंद के मुताबिक सामानों की खरीदारी कर रहे हैं। परिजन भी अपने सामर्थ्य से बढ़कर खर्च कर रहे हैं। परिजनों का सपना होता है कि उनका बेटा शादी करने के लिए बरात लेकर दुल्हन के दरवाजे पहुंचे तो लोग देखते रह जाएं। वर्तमान समय में पुरानी परंपरा फिर से लौट आई है। दूल्हे राजा को लग्जरी कार या तो बग्घी पसंद आ रही है। बग्घी संचालकों के मुताबिक बग्घी की बुकिंग मार्च तक फुल हो गई है। सबसे अधिक दो घोड़े वाली बग्घी की बुकिंग हो रही है।
डिमांड पर मंगवाई जाती हैं लेंबोर्गिनी कार
ट्रैवल एजेंसी के संचालक मैनेजर सिंह बताते हैं कि पहले का जमाना अलग था, जब दूल्हे के लिए कोई भी गाड़ी बुक करा लेते थे। अब लग्जरी गाड़ियां ही दूल्हों की पसंद बन चुकी हैं। मध्यम परिवार के लोग होंडा सिटी, बीएमडब्ल्यू, ऑडी जैसी गाड़ियां बुक करा रहे हैं। वहीं हाई प्रोफाइल लोग लेंबोर्गिनी जैसी कारें मंगवाने में भी पीछे नहीं हैं। हालांकि यह कार जिले में नहीं मिलने पर लखनऊ से मंगवाई जाती है।