अंबेडकरनगर। हर महीने के पहले व तीसरे शनिवार को होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में भी फरियादियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस दिन फरियादियों की भीड़ तो जमा हो जाती है, लेकिन निस्तारण चंद शिकायतों का ही होता है। बाकी लोगों से संबंधित अधिकारी के पास जाने की बात कहकर जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
इस बार शनिवार को बकरीद होने के कारण सोमवार को जिले में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। जहां पर फिर से वही नजारा देखने को मिला। एक ही जगह सभी अधिकारियों की ओर से सुनवाई करके न्याय मिलने की उम्मीद में लोग पहुंचे तो, लेकिन अधिकतर को मायूसी हाथ लगी।
462 शिकायतों में से सिर्फ 40 का निस्तारण
भीटी तहसील में सीडीओ जहां पर फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे, वहीं पर सबसे ज्यादा 167 शिकायतें आईं। जिसमें से केवल 15 का ही निस्तारण हो सका। इसी तरीके से आलापुर में 95 शिकायतों में से नौ शिकायतों का समाधान हुआ। अकबरपुर में 55 में पांच शिकायतों का, टांडा में 50 में से पांच व जलालपुर में 95 शिकायतों में से केवल आठ शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।
आलापुर तहसील क्षेत्र के चुहड़पुर गांव निवासी सुभाष यादव ने करीब 12 से अधिक बार तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर नालीचक मार्ग से अतिक्रमण हटाए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। कभी भी अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
जलालपुर के चौबे का पुरवा की रहने वाली रेनू देवी आबादी की जमीन पर विपक्षियों का कब्जा हटवाने के लिए वर्षों से अधिकारियों की चौखट पर चक्कर लगा रही हैं, लेकिन न्याय की आस अब फीकी पड़ गई है। हर बार की तरह इस बार भी कार्रवाई का आश्वासन ही मिला।
भीटी तहसील सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। उम्मीद थी कि लोगों को न्याय मिल जाएगा। इसी आशा के साथ भवानीपुर के रहने वाले परशुराम अपनी शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका जमीन के बंटवारे का केस चल रहा है, बावजूद इसके दूसरा पक्ष उसपर निर्माण करवा रहा है।