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1544 स्थानों पर आज होगा होलिका दहन

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अंबेडकरनगर के फौव्वारा तिराहे पर आज होगा होलिका दहन। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। रंगों के पर्व होली से पहले बृहस्पतिवार को जिले के 1544 स्थानों पर होलिका दहन होगा। बृहस्पतिवार को होलिका दहन व शुक्रवार को होली मनाए जाने का उल्लास बुधवार को ही जिले में चहुंओर दिखने लगा। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में जगह जगह सजी रंग व पिचकारियों की दुकानों पर खरीदारी के लिए नागरिकों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। पर्व को लेकर सबसे अधिक उल्लास बच्चों व युवाओं में दिखा। उधर पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। समूचे जिले को पांच जोन में बांटा गया है। ऐसे में सभी एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट, जबकि सीओ को जोनल पुलिस अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रत्येक थाने पर दो सेक्टर मजिस्ट्रेट व दो पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पीएसी के साथ साथ सीपीएमएस जवानों की भी तैनाती की गई है। वहीं बुधवार को स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं ने खूब होली खेली।
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शुक्रवार को मनाए जाने वाले होली पर्व का उल्लास बुधवार को ही चारों तरफ दिखने लगा। सभी को इंतजार है शुक्रवार का, जब उन्हें एक-दूसरे पर रंग डालने का मौका मिले। इस बीच होली पर्व से पहले होलिका दहन को लेकर भी उल्लास एक दिन पहले बुधवार को जिले में चहुंओर दिखा। बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि के बाद होलिका दहन को लेकर संबंधित क्षेत्र के लोगों ने एक दिन पहले बुधवार को ही सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लीं। पुलिस मीडिया प्रभारी देविका सिंह ने बताया कि जिले के 1544 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। होलिका दहन व होली पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
सुरक्षा के रहेंगे कड़े प्रबंध
होली व शब-ए-बरात पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। एएसपी संजय राय ने बताया कि पर्व के मद्देनजर जिले को पांच जोन में बांटा गया है। इसके लिए पांच जोनल मजिस्ट्रेट व पांच जोनल पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट, जबकि सीओ को जोनल पुलिस अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा प्रत्येक थाने पर दो दो सेक्टर मजिस्ट्रेट की टीम लगाई गई है। एक टीम के साथ संबंधित थाने के थानाध्यक्ष, जबकि दूसरी टीम के साथ सीनियर सब इंस्पेक्टर रहेंगे। यह टीमें लगातार संबंधित क्षेत्र में भ्रमण करती रहेंगी। संवेदनशील कस्बों में पीएसी व सीपीएमएस जवानों की तैनाती की गई है। इसके लिए एक कंपनी पीएसी व एक कंपनी सीपीएमएस तैनात की गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों व प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी सीओ व थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि भ्रमण के दौरान यदि कहीं कोई संदिग्ध नजर आए, तो उससे कड़ी पूछताछ की जाए। साथ ही क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से जरूरी फीडबैक भी समय-समय पर लेते रहें। बताया कि पुलिस लाइन से ढाई सौ अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को जिले के सभी थानों में भेजा गया है। सीओ सदर अशोक सिंह ने बताया कि पर्वों को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
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जिला अस्पताल में आरक्षित हुए छह बेड
होली व शब-ए-बरात पर्व को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। न सिर्फ जिला अस्पताल, बल्कि सभी सीएचसी पर भी डीएम सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी व्यवस्था पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि पर्व को देखते हुए छह बेड आरक्षित किए गए हैं। किसी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए न सिर्फ चिकित्सक, बल्कि फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व वार्ड ब्वॉय की भी तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी जरूरी दवाएं भी मौजूद हैं। उधर सभी सीएचसी पर भी पर्व को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी पर दो दो बेड आरक्षित करने के साथ ही चिकित्सकों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
हर्बल रंग से खेलें होली
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय तिवारी ने कहा कि होली पर्व पर केमिकल रंग से परहेज करें। हर्बल रंग का प्रयोग करें। आंख में यदि अबीर गुलाल चला जाए, तो उसे कतई न रगड़ें। आंखों पर पानी की छींट मारें। साफ कपड़ा भिगाकर आंख पर लगाएं। ऐसा करने से आंख को नुकसान भी नहीं होगा और आंच में पड़ा अबीर गुलाल के कण भी निकल जाएंगे। अक्सर होली खेलने के दौरान पेंट, ग्रीस व कीचड़ का प्रयोग कुछ लोग कर लेते हैं। यह चेहरे व आंख के लिए अत्यंत खतरनाक है। ऐसा नहीं करना चाहिए। होली खेलने के दौरान अत्यंत सावधानी बरते जाने की जरूरत है। इसके अलावा शब-ए-रात पर्व भी है, जिसमें आतिशबाजी होती है। अपील करते हुए कहा कि हाथ में पकड़कर पटाखा कतई न दागें। यदि आतिशबाजी करने के दौरान जल जाते हैं, तो तत्काल उसे पानी से साफ कर लें। इसके बाद बिना देरी के चिकित्सक से संपर्क करें।
होलिका दहन का मुहूर्त
पंडित जमुना प्रसाद पांडेय व विद्याभूषण जी महाराज ने बताया कि बृहस्पतिवार मध्यरात्रि 12 बजकर 57 मिनट के बाद होलिका दहन किया जा सकता है। कारण यह कि 12 बजकर 57 मिनट तक भद्रा होने के कारण होलिका दहन नहीं किया जा सकता है। वैसे तो 12 बजकर 57 मिनट के बाद कभी भी होलिका दहन किया जा सकता है, लेकिन शुभ मुहुर्त 1 बजकर 7 मिनट है।
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