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आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला का इलाज ठप, बैंक भेज रहा नोटिस

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फोटो 09 मुरारी देवी - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। आर्थिक तंगी के बीच बीमारी से जूझ रही महिला की मदद को कोई आगे नहीं आ रहा। इससे महिला का इलाज हो पाना संभव नहीं हो पा रहा। हालांकि महिला के परिजनों ने सामर्थ्य के अनुसार इलाज कराया, लेकिन आर्थिक स्थिति दयनीय होने तथा आगामी माह में बेटी की शादी होने के चलते महिला ने मजबूरन इलाज बंद करवा दिया।
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वहीं महिला के इलाज के लिए बैंक से पूर्व में लिए गए कर्ज की भरपाई समय से न होने के चलते बैंक से नोटिस भी जारी हो गया है। महिला का कहना है कि सरकार द्वारा संचालित तमाम स्वास्थ्य योजनाएं उनके लिए छलावा साबित हो रहीं। कहीं से मदद की आस न जगते देख महिला ने मुख्यमंत्री समेत सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है।
राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत फरीदपुर हेठरिया गांव निवासिनी मुरारी देवी गृहणी हैं। पति लालजी पाल परिवार के पालन पोषण के लिए शहर में रहकर निजी नौकरी करते हैं। हालांकि बीते दिनों कोरोना संक्रमण के बीच हुए लॉकडाउन के बाद से लालजी घर पर ही रह रहे हैं। महिला की तीन पुत्री व एक पुत्र हैं, जो पढ़ते हैं। समस्या यह है कि बीते दिनों मुरारी देवी की तबीयत खराब हो जाने के चलते उन्हें लखनऊ पीजीआई में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां से उनका इलाज अभी तक चल रहा था, लेकिन आर्थिक तंगी तथा अप्रैल माह में होने वाली बेटी की शादी के लिए कुछ पैसा इक्ट्ठा हो सके, इसके लिए महिला ने खुद को इलाज से अलग कर लिया है। मौजूदा समय में महिला का इलाज बंद है।
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और तो और इस बीच एक नई समस्या तब आ गई, जब बैंक से पूर्व में इलाज के लिए गए कर्ज की अदायगी समय से न होने के चलते बैंक ने नोटिस जारी कर दिया। नोटिस मिलते ही परिजनों में घोर निराशा छा गई। महिला का कहना है कि इलाज के लिए उनके पास पैसा नहीं है। सरकार गरीबों के इलाज के लिए तमाम स्वास्थ्य योजनाएं तो चला रही है, लेकिन उनके लिए यह महज छलावा बनकर रह गया है। दूसरी तरफ आर्थिक तंगी के चलते परिवार का पालन पोषण भी संभव नहीं हो पा रहा। महिला का कहना है कि राशन कार्ड में उनके सभी परिवार के सदस्यों का नाम भी दर्ज नहीं किया गया, नहीं तो सभी को राशन मिलता। उनकी इस समस्या को जनप्रतिनिधियों द्वारा भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
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