फोटो-27 अंबेडकरनगर के दहियावर में स्थित मठिया माता का मंदिर
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अंबेडकरनगर। टांडा तहसील क्षेत्र के मेडऱी दहियावर गांव में स्थित प्राचीन मठिया माता मंदिर लंबे समय से सिर्फ दहियावर ही नहीं बल्कि इर्द-गिर्द के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। लगभग 300 वर्ष पुराने इस मंदिर का जीर्णोद्धार ग्रामीणों की मदद से 1977 में हुआ था। भव्य रूप ले चुके इस मंदिर में वैसे तो प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को विशेष पूजा-अर्चना होती है, लेकिन नवरात्र के दौरान प्रत्येक दिन सुबह-शाम होने वाली आरती, भजन-कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। करीब 300 वर्ष प्राचीन मठिया माता मंदिर को सिद्धपीठ के नाम से भी जाना जाता है।
यहां दहियावर के अलावा इर्द-गिर्द के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मन्नत मांगने मां के दरबार में आते हैं। इसके अलावा यहां विवाह का विशेष अनुष्ठान भी किया जाता है। 1977 से पुजारी का कार्य रामलौट कर रहे थे। उनके निधन के बाद मौजूदा समय में पुजारी का कार्य रामसूरत व हौसिला प्रसाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1977 में मंदिर का जीर्णोद्धार ग्रामीणों की मदद से कराया गया था। गांव के शिवकुमार ने बताया कि प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मन्नत पूरी होने पर महिलाएं कढ़ाई चढ़ाती हैं। नवरात्र में यहां प्रति दिन सुबह शाम भजन कीर्तन होता है। नवरात्र के अंतिम दिन नौ कुंडीय यज्ञ होता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। (संवाद)