कटेहरी के बंदनडीह में श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर बृहस्पतिवार को हवन-पूजन करते श्रद्धालु
- फोटो : गौरीगंज के पूरे मिश्र मऊ गांव में फूलचंद्र के गमगीन परिजन।
अंबेडकरनगर। कटेहरी के बंदनडीह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा बृहस्पतिवार को विधिविधान के साथ संपन्न हो गई। समापन अवसर पर हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आहुति डाली और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
आचार्य श्रवण कुमार पांडेय ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण मन व हृदय को पवित्र करता है।कथा से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के भाव जागृत होते हैं। हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है।धर्म से जुड़े सत्कर्म व्यक्ति को जीवन में उन्नति की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का सार जीवन को बदल देता है। प्रसाद की महिमा बताते हुए कहा कि प्रसाद तीन अक्षरों से मिलकर बना है। प्र से प्रभु, सा से साक्षात और द से दर्शन। अर्थात प्रसाद भगवान का साक्षात दर्शन है। इस दौरान मुख्य यजमान रामा तिवारी, सुभद्रा तिवारी, शिवनारायण, जयनारायण तिवारी, राजीव कुमार, धर्मेंद्र कुमार, ओम नारायण, विष्णु नारायण व अन्य उपस्थित रहे।