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ग्राम पंचायत सचिवों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं

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अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के तत्वावधान में ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम पंचायत सचिवों ने सोमवार को विकास भवन के निकट प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जरा सी शिकायत पर उन्हें निलंबित कर दिया जा रहा है, जबकि शासनादेश के अनुसार पहले जांच की जाए और इसके बाद यदि मामला सही पाया जाए और इसमें किसी प्रकार की आर्थिक गड़बड़ी हो, तो उसकी रिकवरी की जाए। इस तरह सचिवों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में कर्मचारियों ने संबंधित ज्ञापन डीडीओ को सौंपा।
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प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष हंसप्रकाश सिंह व वरिष्ठ नेता सूर्यभान सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों का उत्पीड़न जिले में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तनिक सी शिकायत होने पर सचिव को निलंबित कर दिया जा रहा है। इसके साथ ही संबंधित सचिव के विरुद्ध केस भी दर्ज करा दिया जाता है। कहा कि शासनादेश के अनुसार यदि किसी प्रकार की आर्थिक शिकयत सामने आती है, तो उसकी जांच कराई जानी चाहिए। जांच में यदि मामला सही पाया जाता है, तो उसकी रिकवरी कराए जाने का प्राविधान है। शासनादेश को दरकिनार कर मनमाने ढंग से सचिवों पर कार्रवाई की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदीप दुबे, सुनील श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह, अतुल सिंह, आस्था पांडेय, आदित्य सिंह, बबिता वर्मा, प्रियंका, अरुण कुमार, उमाशंकर, बांकेलाल मौर्य आदि ने कहा कि मनरेगा मांग आधारित योजना है, जबकि विकास खंड पर बिना मांग के ही अधिकाधिक श्रमिकों को नियोजित करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि अनुचित है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्या का निस्तारण नहीं किया गया, तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। बाद में शिकायत संबंधित ज्ञापन डीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह को सौंपा गया।
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