संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए सात करोड़ की राशि की मंजूरी प्रदान की गई है। इस राशि से 24 राजकीय और दो सहायता प्राप्त विद्यालयों में बाउंड्रीवाल व गेट का निर्माण होगा। इससे विद्यालयों की सुरक्षा तो तय होगी ही साथ ही छुट्टा मवेशियों व शरारती तत्वों पर भी रोक लगेगी।
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की हालत सुधारी जाएगी। सरकारी स्कूलों में प्राइवेट जैसी सुविधाएं न होने से बच्चों और अभिभावकों का मोह भंग होने लगा है। लेकिन शासन द्वारा इस प्रोजेक्ट के जरिए अब सरकारी स्कूलों में भी अच्छी सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। डीआईओएस कार्यालय के पटल सहायक अभिषेक कुमार ने बताया कि बीते दिनों शासन ने राजकीय और सहायता प्राप्त उन विद्यालयों की सूची मांगी थी जिसमें चारदीवारी का निर्माण नहीं है। यहां से दो सहायता प्राप्त विद्यालयों समेत कुल 26 विद्यालयों की सूची निदेशालय को भेजी गई थी। अब संबंधित विद्यालयों में निर्माण कार्य की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इन विद्यालयों में गेट व बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
इन विद्यालयों में होगा कार्य
कार्यालय के अनुसार जिले में 32 राजकीय विद्यालय हैं। इसमें से 24 विद्यालयों में समुचित चारदीवारी की सुविधा नहीं है। इसमें राजकीय बालिका विद्यालय जलालपुर, राजकीय बालिका कुर्की बाजार, राजकीय इंटर काॅलेज अकबरपुर, राजकीय माॅडल स्कूल इधना, राजकीय बालिका इंटर काॅलेज बेवाना, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तेदुआईकला, राजकीय बालिका इंटर काॅलेज भीटी, राजकीय माॅडल स्कूल पहितीपुर खजूरडीह, राजकीय स्कूल बसिया, राजकीय स्कूल फरीदपुर कुतुब, राजकीय हाईस्कूल अहरौली रानीमऊ, राजकीय हाईस्कूल चंदनपुर, राजकीय हाईस्कूल रतना, राजकीय हाईस्कूल कम्हरिया, राजकीय हाईस्कूल रामगढ़, राजकीय हाईस्कूल लखनपुर, राजकीय मॉडल इंटर काॅलेज रामनगर, राजकीय हाई स्कूल आमादरबेसपुर, राजकीय हाई स्कूल असरफपुर बरवां, राजकीय हाईस्कूल बड़ेपुर, राजकीय हाईस्कूल रामपुर सकरवारी, राजकीय हाईस्कूल कहरा सुलेमपुर, राजकीय मॉडल स्कूल जाफरगंज जबकि दो सहायता प्राप्त ग्राम स्वावलम्बी इंटर काॅलेज रनीवा व राम बाबा विद्या मंदिर इंटर काॅलेज रामबाबा में चारदीवारी व गेट का निर्माण कराया जाएगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण
राजकीय विद्यालयों में गेट व बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 50 प्रतिशत राशि उपलब्ध हुई है। जल्द ही बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-गिरिश कुमार सिंह, डीआईओएस