अंबेडकरनगर। अप्रैल में ही गर्मी के तल्ख तेवर लोगों को परेशान कर रहे हैं, लेकिन विभिन्न गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त नहीं किया जा सका है। जिले में जल जीवन मिशन के तहत नौ ब्लॉक की 750 ग्राम पंचायतों में 571 परियोजनाओं से 1573 गांवों को शुद्ध पानी 2024 तक आपूर्ति कराना था, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी तक 750 गांवाें में शुद्ध पानी की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। यह वित्तीय वर्ष भी बीत गया है, लेकिन काम में कोई तेजी नहीं दिख रही है। विभागीय अधिकारी 90 फीसदी काम होने के दावा पिछले चार माह से कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर आज भी काफी काम बाकी है।
जिले के कई गांवों में लगे ओवरहेड टैंक में तकनीकी खामी से जलापूर्ति बाधित है। जिले की अकबरपुर, भीटी, जलालपुर व रामनगर समेत नौ तहसीलों में जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत 2021 में हुई थी। 2024 तक इस योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य था। सरकारी मियाद खत्म मार्च में खत्म हो गई, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है। इस पर अब इस योजना को 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
योजना शुरू हुए चार वर्ष हो गए हैं, लेकिन कई गांव में आज भी पानी की सप्लाई नहीं शुरू हो सकी है। वहीं, अभी केवल 144 ओवरहेड टैंक बन कर तैयार हो पाए हैं। योजना के तहत 3,16,270 घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले दो लाख 90 हजार घरों तक टोटी पहुंचा दी गई है, जबकि 11,318 किमी पाइपलाइन पड़नी है, जो चार माह में केवल 40 किमी ही आगे बढ़ सकी है। परियोजनाओं का निर्माण दो कार्यदायी संस्थाएं करा रही हैं। रामनगर क्षेत्र में पानी टंकी तो बन गई हैं, लेकिन लोगों के घरों तक पानी अभी नहीं पहुंचा है। वहीं, भीटी और जलालपुर में भी कमोबेश यहीं हाल है। ऐसे में गर्मी और मुसीबत बढ़ाएगी। जिम्मेदार अधिकारी इसको लेकर जरा भी संजीदा नहीं हैं।
वर्जन
लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश
जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति करने का प्रयास जारी है। कार्यदायी संस्थाओं को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। गर्मी में लोगों के सामने पेयजल की समस्या न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
कमलाशंकर, अधिशाषी अभियंता, जल निगम ग्रामीण