अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं मिल रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में अभी 286 पात्रों की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास आवेदन ही नहीं आ रहे हैं। ऐसे में विभाग को चिंता है कि आदर्श आचार संहिता लागू हो गई तो उपलब्ध 57 लाख 20 हजार रुपये वापस करने पड़ेंगे।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को मुख्यमंत्री व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए 901 पात्रों का लक्ष्य रखा गया। इस योजना के तहत सरकार युवती के अभिभावक को 20 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराती है। इसके लिए सरकार से एक करोड़ 80 लाख 20 हजार रुपये का बजट उपलब्ध हुआ।
विभाग अब तक 415 पात्रों को योजना का लाभ दे चुका है। 200 आवेदकों का सत्यापन चल रहा है। जल्द ही उनके खाते में भी 40 लाख रुपये की राशि भेजी जाएगी। विभाग के पास लक्ष्य के मुताबिक अभी 286 आवेदकों को योजना का लाभ देने के लिए बजट उपलब्ध है। परंतु पिछले एक माह से विभाग के पास कोई आवेदन ही प्राप्त नहीं हो रहा है। अधिकारियों की चिंता है कि यदि फरवरी माह में कोई आवेदन न आया और मार्च में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई तो यह राशि वापस भेजना पड़ेगा।
कराया जा रहा प्रचार-प्रसार
योजना का लाभ पात्र उठा सकें इसके लिए प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम प्रधानों से भी योजना के बारे में पात्रों को बताने की सलाह दी गई है। यदि कोई पात्र है तो वह विवाह से पहले या होने के 90 दिन के अंदर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकता है। - विकास मौर्य, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी