अंबेडकरनगर। धान खरीद में प्रयुक्त होने वाले जूट के बोरे के नाम पर जिले में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक के निर्देश पर डिप्टी आरएमओ ने जांच शुरू कर दी है।
मामला यूं है कि धान खरीद के लिए राइस मिलरों द्वारा सबंधित क्रय केंद्रों को जूट का बोरा मुहैया कराया जाता है। सरकार इसके बदले में मिलों तक धान पहुंचने के बाद लगभग सात रुपए प्रति बोरी की दर से भुगतान करती है। बीते दिनों एक राइस मिलर ने सारा भुगतान खुद को कराने की कोशिश की। इसके बाद सभी मार्केटिंग निरीक्षकों ने पत्र लिखकर दे दिया है कि बीते दो सत्र के भुगतान के लिए कुछ लोग उनके फर्जी हस्ताक्षर कर लिए हैं। ऐसे में बगैर सत्यापन कोई भुगतान नहीं किया जाए।
निरीक्षकों का यह सामूहिक पत्र मिलने के बाद जांच डिप्टी आरएमओ विनीता मिश्रा को सौंप दी गई है। एडीएम डॉ सदानंद गुप्त ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर ंकर भुगतान की कोशिश की जांच शुरू हो गई है। जो तथ्य सामने आएंगे उनके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।