अंबेडकरनगर। अयोध्या जिले की तारून थाने के हरीपुर परसांव महोला निवासी किरन सिंह ने जेल में निरुद्ध शिवसेना के पूर्व विधायक पावन पांडेय के खिलाफ धमकाने का आरोप लगाया है। मामले में शुक्रवार देर शाम अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अकबरपुर के महमदपुर निवासी पूर्व विधायक पावन पांडेय समेत 12 लोगों के खिलाफ पांच मई 2022 को नासिरपुर बरवा निवासी किरन सिंह की मां चंपा देवी ने जमीन हड़पने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि अकबरपुर-बसखारी राजमार्ग के किनारे उनकी आठ करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन है। इसे हड़पने के लिए पूर्व विधायक पवन पांडेय ने उनके पुत्र अजय सिंह को नशे का इंजेक्शन लगाकर फर्जी तरीके से जौनपुर के शाहापुर खेतासराय के मुकेश तिवारी के नाम 25 अगस्त 2020 को इकरारनामा करवा लिया था।
इसके बाद आजमगढ़ जिले के इटायल भवानीपुर की नीतू सिंह का नाम अजय सिंह की पत्नी के तौर पर नगर पालिका में दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इसके लिए आर्य समाज मंदिर सफेदाबाद, बाराबंकी का विवाह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें शादी गत 23 मई की शाम साढ़े चार बजे होना दर्शाया गया है। इसके दो घंटे के बाद उनके पुत्र अजय की कथित सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
पांच दिन के भीतर नगर पालिका के परिवार रजिस्टर में नीतू सिंह का नाम भी दर्ज करवा लिया गया था। पूरी साजिश में पूर्व विधायक के साथ गोविंद यादव, लाल बहादुर तिवारी, दीप नरायन शर्मा, अभिषेक तिवारी, अमरेश यादव, शीला सिंह, रेखा सिंह, नगर पालिका के सर्वे अधिकारी जयराम यादव व अजय तिवारी शामिल होने का आरोप लगा था।
इसी मामले में पवन पांडेय को एसटीएफ ने पकड़ कर जेल भेजा था। मामले में चंपा की बेटी किरन सिंह गवाह हैं। आरोप है कि 17 मार्च 2025 को सीजेएम कोर्ट में गवाही देने गईं थीं। मुख्य आरोपी पवन कुमार पांडेय उनके पीछे खड़ा था और समझौते के लिए कह रहा था। मां चंपा ने गवाही के दौरान जब पवन कुमार का नाम लिया तो वह तिलमिला उठा और किरन के कान में आकर धमकी दी कि तुम्हीं ने मेरा नाम बुलवाया है और जान से मार डालने की धमकी भी दी थी। कोतवाली श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि गवाह को धमकाने का केस दर्ज किया गया है।