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Ambedkarnagar: बाढ़ ने विवाह- गौने की तैयारियों पर पानी फेरा, टांडा व आलापुर में 20 से अधिक परिवार परेशानी में

Wed, 19 Oct 2022 05:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर

सार

सरयू नदी की बाढ़ ने अंबेडकरनगर के गांवों में लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। परिवारों को बेटी के हाथ पीले करने की चिंता हो रही है और साथ ही बरात का स्वागत करने का इंतजाम करना भी उनके लिए चुनौती बन गया है।
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विवाह की तैयारियों को लेकर चर्चा करते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सरयू नदी की बाढ़ ने टांडा व आलापुर तहसील के कई ग्रामीण परिवारों में चल रही विवाह व गौने की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। खेतों में बर्बाद हुई फसल से विवाह पर होने वाले खर्च को पूरा कर पाना भी अब एक बड़ी चुनौती बना है। इन परिवारों से जुड़े लोगों के चेहरों पर छाई चिंता ने वैवाहिक आयोजनों की खुशियों पर भी पानी फेर दिया है। इन गांवों में 20 से अधिक ऐेसे परिवार हैं जहां शूक उदय होने के बाद विवाह आयोजन होने हैं। इन परिवारों में काफी पहले से ही विवाह की तैयारियां भी शुरू हो गई थी। ऐसे में पहले आफत की बारिश और इसके बाद बाढ़ से फैली तबाही ने इन परिवारों में वैवाहिक आयोजन की खुशियों को पूरी तरह गायब कर दिया है।

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बेटी के हाथ पीले करने की चिंता
माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के करिया लोनिया के पूरा निवासी राम अवतार 8 दिसंबर को होने वाली अपनी बिटिया की शादी को लेकर व्यथित दिखे। बताया कि बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। फसल तो बर्बाद हुई ही बारिश से घर में रखी उपज को भी नुकसान हुआ। घर में एक एक कर विवाह के लिए जुटाया गया सामान भी बाढ़ का पानी भर जाने से खराब हो गया है। इससे विवाह की तैयारियों को लेकर परिवार में छाई खुशियां अब चिंता में बदल गई है। बेटी का हाथ पीला करना भी बड़ी चुनौती बना है।

बरात के स्वागत का इंतजाम बना चुनौती
आराजी देवारा ग्राम पंचायत के मजरे हंसू का पूरा निवासी धर्मराज के घर में भी 24 नवंबर को होने वाली बेटी के विवाह की तैयारियों पर फिलहाल बारिश व बाढ़ ने ब्रेक लगा दिया है। बेटी सोना के विवाह को लेकर बीते कई माह से पूरा परिवार तैयारियों में जुटा था। इस बीच आई बाढ़ ने विवाह की तैयारियों पर पानी फेर दिया। अब परिवार में बेटी के विवाह को लेकर चिंता का माहौल है। कहते हैं कि धान व गन्ने की फसल पानी में सड़ गई। घर में रखे अनाज व अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। अब बरात के स्वागत से लेकर बिटिया की विदाई तक के इंतजाम बड़ी चुनौती बने हैं।
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इन परिवारों की भी बढ़ी मुश्किलें
राजेसुल्तानपुर में माझा कम्हरिया के मजरे बद्री का पूरा निवासी कैलाश निषाद के बेटे सौरभ का विवाह 24 नवंबर को तय है। हंसू का पूरा निवासी श्रीराम की पुत्री रिंका की शादी 4 दिसंबर को और और रामदीन के पुत्र चंदेश का विवाह 30 नवंबर को होना है। इसी तरह सरफुद्दीनपुर गांव निवासी रामकुशल की पुत्री अंशिका का विवाह 10 नवंबर को तो राम आशीष की पुत्री मोनी की शादी होनी है। यहीं के रामवृक्ष की पुत्री कविता, माझा कम्हरिया रामलोचन की पुत्री और सुरेंद्र की बहन सुनीता का विवाह भी आने वाले महीने में होना है। बाढ़ के पानी ने इन परिवारों की खेती के साथ ही घरों में रखे समान को भी बर्बाद कर दिया है।

दिलाई जाएगी मदद
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन का कहना है कि फिलहाल टांडा व आलापुर से किसी भी ग्रामीण ने विवाह संबंधी दिक्कत की जानकारी नहीं दी है। अब यह सूचना मिली है तो राजस्व टीम के जरिए ऐसे ग्रामीणों का नाम सूचीबद्ध कराया जाएगा। जिनके घरों में विवाह है और उन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है, उन परिवारों को प्रशासन सरकार की तरफ से संचालित सामूहिक विवाह योजना का फायदा दिलाएगा। इसके अलावा जो भी परिवार स्वतंत्र रूप से विवाह करना चाहते हैं उनकी भी मदद सभी के सहयोग से कराई जाएगी।

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