अंबेडकरनगर। बसखारी के मकोईया निवासी पास्टर प्रमोद कुमार के खिलाफ धर्मांतरण का केस दर्ज कर जेल भेजने के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। मंगलवार को अकबरपुर कोतवाली में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख अरविंद पांडेय, टांडा कोतवाली के पैकोलिया निवासी कर्मजीत सिंह समेत पांच लोगों ने अकबरपुर कोतवाली में बयान दर्ज कराए। इसके आधार पर चंगाई सभा लगाकर लोगों का ब्रेनवाश कर धर्मांतरण कराने के आरोपी के खिलाफ धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
अकबरपुर के बिलियर्स चर्च इंडिया रतनपुर में 20 जुलाई को इलाज के लिए बुलाकर महिलाओं और पुरुषों का ब्रेनवाश करने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मालीपुर और जलालपुर थाने में हिंदू संगठनों ने केस दर्ज कराया था। जिले में वर्ष 2021-22 में चंगाई सभा लगने की शुरुआत मालीपुर क्षेत्र के नूरपुर खुर्द गांव से हुई थी। इसके बाद बलईपुर, उसरहा, मित्तूपुर, सोनगांव, बसिया और हासिमपुर में हर रविवार चंगाई सभा लगती चली आ रही थी। इस बीच हिंदू संगठनों के विरोध जताने पर चंगाई सभाएं लगनी बंद हो गई थीं। गांव के जिस घर चंगाई सभा लगती थी उसका मुखिया घर छोड़ परिवार के साथ दिल्ली में शिफ्ट हो गया था।
इसके बाद इस नेटवर्क ने जलालपुर के साहपुर फिरोजपुर में लोना जाति को अपना निशाना बनाया। यहां क्रिश्चियन मिशनरी जोश पाश्चन और उनकी एक महिला साथी गांव में चंगाई सभा लगानेे लगे। इसकी भनक समाजसेवी चंद्रीका प्रसाद को लगने के बाद दोनों के खिलाफ धर्मांतरण का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब ताजा प्रकरण में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीओ नीतीश तिवारी ने बताया कि धर्मांतरण के केस में कुछ लोगों ने बयान दर्ज कराए हैं। जांच के दौरान जो आरोप लग रहे हैं, उनके आधार पर धाराएं बढ़ाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।