अंबेडकरनगर। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो सीएचसी अधीक्षकों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने अब तक किसी भी तहरीर पर मामला दर्ज नहीं किया है।
बीते दिनों जिले में अलग-अलग सीएचसी से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले प्रकाश में आए थे। हालांकि जो फर्जी प्रमाणपत्र में मिले हैं वह अधिकतर साल 2022 से 23 के पहले के बने हैं। इसका खुलासा जहांगीरगंज सीएचसी से हुआ, जहां पर सात प्रमाणपत्र संदेह के दायरे में आए थे। जिनमें से पांच प्रमाणपत्र फर्जी निकले थे। इसके बाद विभाग ने एएनएम व कंप्यूटर पर कार्रवाई की थी। इसके बाद अकबरपुर की एक स्पोर्ट्स एकेडमी में नामांकन के लिए आए बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन कराया गया। इसमें इसमें भी कई फर्जी निकले।
इसके बाद स्कूलों में प्रवेश के लिए आए आवेदनों में विद्यालयों के संचालकों की ओर से 28 जन्म प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया। इनमें अकबरपुर सीएचसी के 17 प्रमाणपत्रों में तीन, जलालपुर सीएचसी से जारी सात में से केवल एक सही मिला था। इसी तरीके से जिला अस्पताल से जारी एक प्रमाण पत्र में भी वह फर्जी निकला था। सीएमओ ने ऐसे सभी मिले प्रमाणपत्राें के मामले में अधीक्षकों को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश के निर्देश थे। अकबरपुर व जलालपुर के अधीक्षकों ने पुलिस को तहरीर भी दी, लेकिन तीन दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी।
अधीक्षकों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। इसके बाद भी अगर प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही है, तो पुलिस के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। यह गंभीर विषय है। विभाग की ओर से भी अब इसकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ