नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को शासन के निर्देश पर डीएम ने सीज करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कहा गया है कि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद टांडा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को तब तक सीज किया जाता है जब तक कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे देते हैं।
गौरतलब है कि पालिका अध्यक्ष द्वारा स्लाटर हाउस निर्माण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत सांसद हरिओम पांडेय ने डीएम से की थी। इस पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एसडीएम सदर, एसडीएम टांडा व अधिशाषी अभियंता लोकनिर्माण विभाग द्वारा जांच कराई। जांच में स्लाटर हाउस निर्माण व उसकी नीलामी में कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आईं।
इस पर डीएम के निर्देश पर न सिर्फ नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशाषी अधिकारी, अवर अभियंता व संबंधित लिपिक के विरुद्ध टांडा थाने में धोखाधड़ी, गबन व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया बल्कि समूची जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई। साथ ही पूरे मामले की विवेचना सीओ सदर द्वारा की जा रही है।
इस बीच पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास कमलेश कुमार की तरफ से उप सचिव कलाम मोहिउद्दीन ने अपने जारी आदेश में कहा है कि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद टांडा के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तब तक सीज किया जाता है, जब तक निर्गत र्िकया गया कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे दिया जाता।
साथ ही लगाए गए आरोपों से विमुक्त नहीं कर दिया जाता। उक्त अवधि में वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों का प्रयोग जिलाधिकारी नगर पालिका अधिनियम 1916 में निहित व्यवस्था के अनुुसार करेंगे। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि धोखाधड़ी, गबन व भ्रष्टाचार के आरोप में नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया गया है।