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बंद हो ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर फीस वसूली

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अंबेडकरनगर। ऑनलाइन शिक्षा देने के नाम पर मासिक शुल्क संबंधित विद्यालयों द्वारा लिए जाने के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने डीआईओएस को ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि कोरोना संकट के चलते ज्यादातर अभिभावक विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनसे मासिक शुल्क लेना कतई उचित नहीं है। ऐसे में विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बुधवार को सहमंत्री नेहा खान व जिला सहसंयोजक धीरेंद्र भारती के नेतृत्व में मार्कण्ड सिंह, हर्ष प्रसाद, अमन श्रीवास्तव, बृजेश आदि ने डीआईओएस कार्यालय पहुंचकर डीआईओएस विनोद सिंह से मुलाकात की और पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। कहा गया कि कोरोना संकट के चलते सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं। विभिन्न विद्यालयों द्वारा छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा देने के नाम पर मासिक शुल्क लिया जा रहा है। इसके लिए बार बार अभिभावकों को फोन व मैसेज कर फीस जमा करने को कहा जा रहा है। यदि कोई फीस जमा करने में असमर्थता जताता है, तो उसका नाम काटने की धमकी दी जाती है। कहा कि कोरोना संकट के चलते तमाम अभिभावक ऐसे हैं जो विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। ऐसे में वह फीस जमा करने में सक्षम नहीं है।
ऐसे में अभिभावकों के हित को देखते हुए मनमाने ढंग से फीस वसूली पर रोक लगाई जाए। अभिभावकों से फीस जमा करने का दबाव बनाने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। कहा कि उनका संगठन सदैव छात्र-छात्राओं व युवाओं के हित की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ता चला आ रहा है। आगे भी इस प्रकार की लड़ाई जारी रहेगी।
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