अंबेडकरनगर। महरुआ के वसहा गांव में वर्ष 2021 में कपड़े की दुकान खोलने के विवाद में हुई परमेश कुमार की मौत के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह की कोर्ट ने पिता-पुत्र समेत छह दाेषियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार माना है।
कोर्ट ने दोषी पिता रामलाल साहू, पुत्र चिंताराम साहू के साथ ही रामवचन, राहुल, रोहित , रमाकांत व अमरावती को सात-सात वर्ष के कारावास के साथ 13-13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
महरुआ के ग्राम वरहा निवासी अवधेश प्रसाद ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसने गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर एक कपड़े की दुकान खोली थी। 27 मार्च 2021 को दुकान का उद्घाटन हुआ था।
रामायण पाठ के बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चल रहा था। गांव के ही रामलाल साहू की पड़ोस में कपड़े की दुकान थी और वह इसका विरोध कर रहे थे। उद्घाटन वाले दिन शाम करीब 08.30 बजे रामलाल साहू ने अपने पुत्र चिंताराम साहू, रामवचन, राहुल, रोहित , रमाकांत व अमरावती के साथ मिलकर अचानक हमला बोल दिया था। मारपीट के दौरान आरोपियों ने अवधेश के बड़े भाई परमेश कुमार साहू के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।
मामले में पुलिस ने हत्या समेत तमाम धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में हुई। विचारण के दौरान आरोपी अमरावती की मौत हो गई थी। कोर्ट ने मंगलवार को सभी छह आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।