अंबेडकरनगर। बिजली पर सरकार और प्रशासन अंकुश नहीं रह गया है। विभाग की मनमानी ऐसी है कि जहां जब चाहें बिजली काट दें। कोई पूछने वाला नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि वर्षा न होने से इस समय किसानों की फसलों को पानी की दरकार है, लेकिन बिजली की दगाबाजी ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया है।
बिजली कटौती की स्थिति यह है कि शहर में 24 घंटे की जगह पर अमूमन 19-20 घंटे बिजली मिल पा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से 10 घंटे, जबकि सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों कम से कम 18 घंटे तो बिजली मिलनी ही चाहिए। धान की रोपाई चल रही है। वर्षा न होने से किसान परेशान हैं। नलकूप के सहारे खेत तैयार करने की जुगत में हैं, लेकिन दिन-रात बिजली गायब रहने से धान की फसल पर संकट मंडरा रहा है।
आशुतोष सिंह ने बताया कि जाफ़रगंज बिजली घर के गांव में बमुश्किल छह से सात घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस समस्या के निजात के लिए 16 किलोमीटर लंबी 33 हजार बोल्ट की बिजली लाइन दो साल बाद भी नहीं बन सकी है। इससे किसान अपने धान की खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
अकबरपुर के अहरिया निवासी राजकुमार वर्मा के मुताबिक स्पेयर फीडर पर पूरी रात दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। दिन में भी ट्रिपिंग की समस्या के चलते धान की खेत के खेती सिंचाई नहीं हो पर रही है।
पूरी रात बिजली ने रुलाया, दिन में भी नहीं चैन
अंबेडकरनगर। उमसभरी गर्मी में बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक हाहाकार मच गया। अकबरपुर बिजली घर के स्पेयर फीडर से अहरिया, सदरपुर समेत 20 से अधिक गांव को बिजली आपूर्ति दी जाती है। सोमवार की रात 10 बजे बिजली घर ओवरलोड होने से फीडर से जुड़े 20 हजार से अधिक आबादी की बिजली गुल हो गई। रात एक बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद 2.30 बजे बिजली गुल होने के बाद डेढ़ घंटे बाद मंगलवार भोर चार बजे बहाल हो सकी। दो घंटे आपूर्ति चलने के बाद छह बजे ठप बिजली नौ बजे सुचारु हो सकी। वीआईपी फीडर पर भी पूरे दिन बिजली कटौती का दौर जारी। दोपहर तीन बजे बैरमपुर बिजली घर से महरुआ को जाने वाली 33 हजार बिजली लाइन पर श्रवणक्षेत्र के पास पेड़ की डाल गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। जिसके बाद इससे संचालित महरुआ और भीटी के करीब 80 गांव की बिजली ठप हो गई। दो घंटे बाद पेड़ की डाल की कटाई के बाद आपूर्ति चालू हो सकी।
33 हजार पर पेड़ की डाल गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर जाकर डाल की कटाई कराकर आपूर्ति बहाल कराई गई। उमस भरी गर्मी के चलते बिजलीघर ओवरलोड होने से ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। -राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता