अंबेडकरनगर। निर्धारित समय बीतने के बावजूद शारदा सहायक नहर में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नहर में पानी न आने के चलते इन दिनों गन्ना, सब्जी सहित अन्य फसलों के साथ ही धान की बोआई करने वाले व बेड़न तैयार करने वाले किसान परेशान हैं। सिंचाई विभाग टांडा ने आश्वासन दिया था कि 15 जून तक नहर में पानी आ जाएगा, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के चार दिन बाद भी नहर में पानी नहीं आ सका। इससे किसान अपनी फसल की सिंचाई को लेकर परेशान हैं। किसानों ने प्रशासन से अविलंब नहर में पानी छुड़वाने की मांग की है।
जिले की जिन नहरों व माइनरों को अब तक पानी से लबालब भरा होना चाहिए था, वहां रेत उड़ रही है। नहर व माइनरों के किनारे वाले किसानों ने मुफ्त सिंचाई की उम्मीद में बेड़न की बोआई की है। किसानों को उम्मीद थी कि 15 जून तक नहर में पानी आ जाएगा, इससे उन्हें आसानी से सिंचाई का लाभ मिलेगा। गन्ना व सब्जी किसान भी नहरों व माइनरों के भरोसे बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। परंतु लंबे समय से नहर में पानी न आने से किसानों को तगड़ा झटका लग रहा है।
मेंथा किसान तो इस बार सिंचाई से वंचित ही रह गए। परंतु अब धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि नहर में पानी न आने से बेड़न तैयार करने वाले किसानों को दिक्कतें हो रही हैं। गन्ना किसान भी खासे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन को अविलंब इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
नहरों व माइनरों से जुड़े हैं चार तहसीलों के किसान
जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसान नहर व माइनरों से जुड़े हैं। अकबरपुर, टांडा, आलापुर व जलालपुर तहसील क्षेत्र से कई नहरें व माइनरें निकली हैं। नहरों व माइनरों में समय से पानी उपलब्ध होने पर किसान आसानी से अपने फसलों की सिंचाई कर लेते हैं। खास बात यह कि नहरों व माइनरों में पानी रहने से भूगर्भ जलस्तर भी ठीक रहता है। इससे ट्यूबवेल आदि से सिंचाई करने में भी किसानों को ज्यादा दिक्कत नहीं होती। बारिश न होने व नहरों माइनरों में पानी न आने के चलते कई बार ट्यूबवेल भी पानी छोड़ने लगते हैं। यह समस्या भी कई क्षेत्रों में शुरू हो चुकी है। किसानों को एक तरफ जहां महंगे दाम पर डीजल खरीद कर फसलों की सिंचाई करने की विवशता है, वहीं बोरिंगों से पानी छोड़ने की समस्या भी उत्पन्न हो चुकी है।
किसानों ने जताई नाराजगी
मरथुआ सरैया के किसान संतराम वर्मा का कहना है कि शासन व प्रशासन को मौसम को देखते हुए नहरों व माइनरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। लंबे समय से जिले में बारिश न होने के बावजूद समय से शारदा सहायक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग ने आश्वासन दिया था कि पूर्व के वर्षों की भांति 15 जून तक पानी पहुंच जाएगा। परंतु यह अवधि बीत गई, अब तक पानी का कोई पता नही है। जमुनीपुर के सुरेश कुमार, रामपलट, जयप्रकाश व सियाराम आदि ने भी नहर में पानी न आने पर नाराजगी जतायी है। कहा कि नहर में पानी न होने से डीजल चालित मशीनों का प्रयोग करना पड़ रहा है, जो काफी महंगा साबित हो रहा है।
जल्द जिले में पहुंचेगा पानी
लखीमपुर से पानी छूट चुका है। लखनऊ की कठौता झील तक पहुंच गया है। एक-दो दिन में यहां से पानी बाराबंकी के लिए आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि इसी सप्ताह पानी अंबेडकरनगर जिले में पहुंच जाएगा।
विजय कुमार, सहायक अभियंता नहर विभाग अयोध्या मंडल