एनएच निर्माण से प्रभावित किसानों ने समुचित मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार दोपहर बुढ़नापुर गांव के निकट बसखारी-आजमगढ़ मार्ग पर जमकर हंगामा किया। लाठी-डंडों से लैस किसानों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच बसखारी की तरफ से आ रहे कार्यदायी संस्था के ट्रक को किसानों ने रोक लिया और जमकर तोड़फोड़ की। उग्र किसानों ने ट्रक चालक की भी जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।
गौरतलब है कि एनएच निर्माण से प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर लंबे समय से भाकियू के बैनर तले प्रभावित किसान शुकुलबाजार के निकट बुकिया गांव में धरने पर बैठे हैं। बुधवार को भी उनका धरना जारी था।
इसी बीच दोपहर के आसपास बड़ी संख्या में प्रभावित किसान बुढ़नापुर गांव के निकट बसखारी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। वहां उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उचित मुआवजे की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मार्ग जाम करने का प्रयास शुरू कर दिया।
इसी बीच बसखारी की तरफ से निर्माण सामग्री लेकर आ रहा कार्यदायी संस्था का ट्रक देख किसानों का आक्रोश भड़क गया। लाठी-डंडों से लैस किसानों ने ट्रक रोक लिया और जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। किसानों के आक्रोश को देखते हुए चालक बालगोविंद ट्रक से कूदकर भागने लगा। आक्रोशित किसानों ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी होते ही एसओ बसखारी महेंद्र सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हल्का बल प्रयोग कराकर हंगामा कर रहे किसानों को तितर-बितर कराया। पुलिस ट्रक व घायल चालक को थाने ले आई।
एसओ महेंद्र सिंह ने किसानों पर बल प्रयोग किए जाने से इंकार करते हुए कहा कि चालक की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। उधर, एनएच निर्माण से प्रभावित तीन किसानों का प्रतिनिधि मंडल सांसद हरिओम पांडेय के साथ जल्द ही केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात करेगा।
किसानों के लगातार आन्दोलन व हंगामे को देखते हुए बुधवार को सांसद व विधायक टांडा संजू देवी ने एसडीएम टांडा नरेंद्र सिंह, सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र व भाजपा नेता रामप्रकाश यादव के साथ बसखारी जाकर आंदोलित किसानों से वार्ता की।
सांसद ने कहा कि मुआवजे से जुड़े मामले के निस्तारण के लिए तीन किसानों को अपने साथ दिल्ली ले जाकर केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कराएंगे, और 7 जुलाई तक मामले का निस्तारण भी कराएंगे। उन्होंने तब तक कोई हंगामा व तोड़फोड़ न करने की अपील किया। इस मौके पर कई किसान व किसान नेता भी मौजूद रहे।