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Ambedkar Nagar News: सुबह कोहरा, शाम को बदली से बढ़ी किसानों की चिंता

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शुक्रवार सुबह कोहरे के बीच तमसा पुल से निकलते वाहन। संवाद
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अंबेडकरनगर। बीते दिनों हुई बारिश के बाद शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। सुबह टांडा, जलालपुर और अकबरपुर समेत जिले के कई इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा और ओस गिरने से ठंड महसूस हुई। दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से मौसम खुल गया, लेकिन शाम होते ही आसमान में दोबारा बादल छा गए। मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय धान की कटाई-मड़ाई का दौर शुरू हो चुका है, वहीं रबी की फसलों की बोआई की तैयारी भी चल रही है। ऐसे में लगातार नमी रहने पर धान सुखाने और खेत तैयार करने में परेशानी हो सकती है।
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अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में ही सुबह के समय ठंड शुरू होने से लोगों को मौसम में बदलाव का अहसास होने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल तैयार होने के कारण किसान तेजी से कटाई में जुटे हैं। सुबह कोहरा और ओस पड़ने से खेतों में काम शुरू करने में देरी हो रही है। वहीं, कटी हुई फसल को सुखाने के लिए पर्याप्त धूप न मिलने पर उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित होने की आशंका है।
बीते दिनों हुई बारिश के चलते रबी की फसलों की बोआई पहले ही करीब 15 दिन पिछड़ चुकी है। अब मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा तो आलू, सरसों और गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने में और देरी हो सकती है। इससे किसानों का खेती संबंधी कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका है।
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आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे की संभावना
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बृहस्पतिवार के मुकाबले एक डिग्री कम रहा। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ धुंध और कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
बदले मौसम से किसान परेशान
टांडा क्षेत्र के खासपुर जहांगीरगंज निवासी किसान संजय वर्मा ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के समय मौसम बदलने से कटाई और मड़ाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुबह कोहरा रहने से खेतों में काम शुरू करने में देरी होती है। यदि आने वाले दिनों में नमी बढ़ती है या बारिश होती है तो कटी हुई फसल को सुरक्षित रखना मुश्किल हो सकता है। कटेहरी क्षेत्र के मूसेपुर ग्रिंट निवासी किसान सेवाराम ने बताया कि धान की कटाई के साथ रबी की फसलों की तैयारी भी करनी है। मौसम का मिजाज इसी तरह बदलता रहा तो खेती के कामकाज की योजना बनाने में परेशानी होगी। पहले ही बारिश के कारण बोआई में देरी हो चुकी है।
फसलों की करें नियमित निगरानी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि हल्का कोहरा व सुबह की ठंड फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं है। हालांकि, कई दिनों तक वातावरण में अधिक नमी बनी रहने पर कुछ फसलों में रोग लगने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करनी चाहिए। पत्तियों पर धब्बे, सड़न या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए। बिना जरूरत कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव करने से बचना चाहिए।

शुक्रवार सुबह कोहरे के बीच तमसा पुल से निकलते वाहन। संवाद

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