अंबेडकरनगर। बारिश की आशंकाओं के बीच शुक्रवार की सुबह धूप निकली तो किसानों ने राहत महसूस की। इसी के साथ किसानों ने खेत में रखे गेहूं के बोझ सुखाने की कवायद शुरू कर दी है। उधर, तहसीलवार बारिश से हुए नुकसान के लिए टीम ने सर्वे कार्य शुरू किया है। इसके लिए सभी ब्लॉकों के एडीओ कृषि कार्यालय पर बीमा कंपनी इफ्को टोकियो के प्रतिनिधि पहुंचे। वहां किसानों से फसलों को हुए नुकसान के संबंध में प्रार्थना पत्र दिए। इसी के साथ टोल फ्री नंबर पर आने वाले शिकायतों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। अब तक 47 किसान नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन कर चुके हैं। मौसम विभाग अभी दो दिन तक उतार चढ़ाव होने की बात कह रहा है।
बुधवार की रात से बृहस्पतिवार दोपहर तक हुई बारिश से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल भी गई थी। कई किसानों ने गेहूं के बोझ बनाकर रखे थे, वह भी प्रभावित हुई थी। बड़ी राहत यह रही कि शुक्रवार को मौसम साफ रहा। धूप निकलने के साथ ही किसानों पर खेतों पर पहुंचकर गेहूं के बोझ को अलग-अलग किया गया। साथ कटी पड़ी फसल को समेट कर सुखाने की कवायद की गई।
शाम तक यही हालत शहर के आसपास से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में देखने को मिला। इस बीच जो गेहूं सूख गया था किसानों ने उसे फौरन सुरक्षित स्थान पहुंचाया। बारिश से हुए नुकसान के आकलन व मदद मुहैया कराने के लिए शुक्रवार की सुबह से ही सभी ब्लॉकों में स्थित कृषि विभाग के दफ्तरों में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंच गए।
शाम तक अलग-अलग ब्लॉकों में ऑफलाइन के अलावा टोल फ्री नंबर पर कुल 47 दावे प्राप्त हुए। इन किसानों ने फसल के बारिश में भीगने के कारण नुकसान होने की बात कही। इन सभी आवेदनों को ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, राजस्व कर्मी और कृषि विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से मौके पर जाकर सर्वे करेंगे। बीमा कंपनी के जिला समन्वयक मनोज शुक्ला ने बताया कि बारिश के 72 घंटे तक दावे प्राप्त करने के बाद सर्वे कार्य शुरू होगा। जिला कृषि अधिकारी पीयूष रॉय ने बताया कि सर्वे कराकर किसानों को पीएम फसल बीमा योजना से मुआवजा दिलाया जाएगा।