अंबेडकरनगर। सोमवार सुबह से ही घुमड़ रहे काले घने बादल दोपहर बाद बरसे। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई मूसलधार बारिश से जिले की बिजली आपूर्ति पूरी तरह छिन्न भिन्न हो गई। उधर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से टांडा कोतवाली के चिंतौरा गांव में खेत में काम कर रहे एक किसान की मौत हो गई, जबकि इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में दो भैंस की झुलसकर मौत हो गई।
ग्रामीण क्षेत्र की बात दूर, जिला मुख्यालय पर ही कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया, तो कहीं जर्जर तार टूटकर गिर पड़ा। नतीजा यह रहा कि सोमवार दोपहर बाद से लगभग 25 हजार की आबादी की बिजली गुल हो गई, जो देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। उधर झमाझम हुई बारिश से एक बार फिर अकबरपुर नगर के विभिन्न मार्ग जलाशय में तब्दल हो गए। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उधर झमाझम बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से टांडा कोतवाली क्षेत्र के रुपईपट्टी का चौबेपूरा निवासी रामरतन (65) की मौत हो गई। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार रामरतन माझा चिंतौरा स्थित खेत में काम करने गया था। इसी बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया और मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा इब्राहिमपुर थाना अंतर्गत जमुनारइया गांव में ननकऊ यादव की दो भैंस आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। इससे झुलसकर दोनों की मौत हो गई।
जिला मुख्यालय पर ही मीरानपुर स्थित 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। मरैला फीडर से नगर को होने वाली विद्युत आपूर्ति का तार बारिश के दौरान टूट गया। नतीजा यह हुआ कि संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इससे लगभग 25 हजार की आबादी की बिजली गुल हो गई। देर शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। इसके अलावा भीटी, जलालपुर, टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रों में भी जगह जगह पेड़ों की डाल गिरने से तार क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित क्षेत्र की बिजली ठप हो गई। देर शाम इन क्षेत्रों में भी आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी।
सोमवार दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश से अकबरपुर नगर के प्रमुख मार्ग एक बार फिर से जलमग्न हो गईं। नगर के अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से लेकर बनगांव रोड तक की सड़क पूरी तरह जलाशय में तब्दील हो गई। इससे लोगों को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। शहजादपुर चौक, सब्जी मंडी, कृषि भवन के निकट, बस स्टेशन क्षेत्र, कलेक्ट्रेट के निकट, अकबरपुर कोतवाली के निकट की सड़के भी जलाशय में तब्दील हो गईं। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नाराज नागरिकों का कहना था कि जब तक जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक जलभराव जैसी समस्या दूर होने वाली नहीं है।
सोमवार दोपहर हुई झमाझम बारिश से धान व गन्ना किसान झूम उठे। उनका कहना था कि यह बारिश दोनों फसलों के लिए अमृत साबित होगी। किसान रामअजोर व घनश्याम ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि इस बारिश से बेहतर फसल होने की संभावना बढ़ गई है। भीटी के किसान राधेकृष्ण व अंबिका ने कहा कि यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो इसका धान व गन्ने की फसल को व्यापक लाभ मिलेगा।