नूर ए मुहम्मदिया जामा मस्ज़िद किछौछा
अंबेडकरनगर। माह-ए-रमजान का आखिरी जुमा आज है। इस मौके पर मस्जिदों में अलविदा की नमाज पूरे एहतराम के साथ पढ़ी जाएगी। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद व ईदगाह में अलविदा की नमाज के लिए तैयारियां पूरी हैं। वहीं पुलिस महकमे की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए।
सीसीटीवी कैमरे के अलावा ड्रोन से भी निगरानी होगी। एसपी केशव कुमार ने बताया कि अलविदा की नमाज के लिए 606 मस्जिदों में तैयारियां की गई हैं। सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। एसडीएम व सीओ निरंतर भ्रमणशील रहते हुए व्यवस्थाओं को परखेंगे। कंट्रोल रूप से सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पांच ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। एसपी ने बताया कि कहीं भी सड़क या र्सावजनिक स्थानों पर नमाज अदा न करने की अपील की गई है। इसके लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं से वार्ता की जा चुकी है। अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अल्लाह से मगफिरत मांग कर करेंगे कुरान की तिलावत
अलविदा जुमे का दिन रमजान के आखिरी शुक्रवार को कहा जाता है। जिसे विशेष रूप से इस्लाम में पवित्र माना जाता है। इस दिन मुसलमान बड़ी संख्या में मस्जिदों में इकट्ठा होकर जुमे की विशेष नमाज अदा करते हैं। इस दिन लोग अल्लाह से मगफिरत मांगते हैं। कई स्थानों पर धार्मिक उपदेश दिए जाते हैं। जिनमें रोजे व जकात और नेक कामों की अहमियत पर जोर दिया जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस दिन को और पवित्र बना देता है।
जरूरतमंदों की मदद करने की अपील
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रमज़ान के आखिरी दौर में किछौछा दरगाह के मुतवल्ली व सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ ने समाज के लोगों से ज्यादा से ज्यादा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रमजान सिर्फ इबादत और रोजे रखने का महीना ही नहीं बल्कि दूसरों की मदद करने और नेकी के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का भी समय है। इस पाक महीने में जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा सवाब है और यही इस्लाम की असली तालीम भी है।