अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद विभागों में विकास कार्यों को लेकर तेजी आ गई है। अलग अलग विभाग इस तैयारी में है कि जल्द से जल्द काम शुरू कराया जा सके। ताकि विभाग का लक्ष्य समय रहते पूरा हो सके तो वहीं आम लोगों को भी योजनाओं का लाभ मिल सके।
आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही कई विभाग रुके हुए काम शुरू करने की तैयारी में हैं तो कई विभागों ने कार्यों का खाका तैयार भी कर लिया है, जल्द काम शुरू करने की योजना है। लोकनिर्माण विभाग जहां सड़कों की मरम्मत को लेकर काम शुरू कर रहा है, तो वहीं स्वास्थ्य विभाग कई अटके हुए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पूरा कर हैंडओवर की तैयारी में है। वहीं जिल निगम भी कई बची हुई परियाेजनाओं को पूरी करने की कोशिश में है। इसे लेकर बीते दिन सात जून के अंक में खबर की भी प्रकाशित की गई थी।
आचार संहिता खत्म होने के बाद पंचायती राज विभाग, बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्याें को जल्द पूरा करने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं । विभागों के अफसरों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में कई बड़ी परियोजनाओं का लाभ अलग-अलग क्षेत्र के लोगों को मिलने लगेगा।
330 मॉडल गांवों में तेजी से होंगे कार्य
मॉडल गांव योजना के तहत चिह्नित 330 गांवों को मॉडल बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत न सिर्फ संबंधित गांव में आरआरसी सेंटर बनाए जाएंगे बल्कि कूड़ा वाहन की खरीदारी की जाएगी। क्षतिग्रस्त नालियों को दुरुस्त किया जाएगा तो प्रकाश व पेयजल व्यवस्था को भी बेहतर की जाएगी। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में शहरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिन 330 गांवों का चयन किया गया है, वहां के लिए 10 करोड़ की कार्य योजना तैयार की जा चुकी है। शीघ्र ही इसे मंजूरी दिलाई जाएगी।
41 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा भवन
जिले में संचालित 2551 आंनबाड़ी केंद्रों में लगभग 280 केंद्र ऐसे हैं जिन्हें अपना भवन उपलब्ध है जबकि शेष या तो पंचायत भवन या फिर परिषदीय विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगने वाले आदर्श आचार संहिता से पहले शासन ने दूसरे के भवन में संचालित 41 केंद्रों को अपने भवन के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की थी। चार करोड़ 84 लाख 21 हजार रुपये की लागत से भवन के निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार जिन केंद्र के भवन का निर्माण होना है उसमें जोगीपुर, बसहिया, गंगासागर, अहिरौली रानीमऊ, भूपतिपुर कोड़रा, करमपुर बरसावां, मदारपुर, कुर्की महमूदपुर, पीरपुर, एकडव, हंसवर, गौहिला, सम्मनपुर, पीठापुर, घाघूपुर, भिउरा, पीठापुर सरेया, अंबरपुर, आशापार, मुंडेहरा, व रतना आदि शामिल है। अब जबकि आदर्श आचार संहिता समाप्त हो गई तो शीघ्र ही भवन निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायतों को दो दो लाख रुपये उपलब्ध भी करा दिए गए।
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हैंडओवर होंगे 11 पंचायत भवन
लगभग सवा दो करोड़ रुपये की लागत से 11 गांवों में नए पंचायत भवन बनकर बीते दिनों तैयार हो गए थे। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगने वाले आदर्श आचार संहिता के चलते उसका हैंडओवर नहीं हो सका था। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार सोनगांव, बिहरोजपुर, अवधना इस्माइलपुर, मेड़वा रघुवंशी, विश्वंभरपुर, रुधौली व नगहरा समेत 11 गांवों में भवन बनकर पूरी तरह से तैयार हैं। अब जबकि आदर्श आचार संहिता समाप्त हो चुकी है तो ऐसे में शीघ्र ही डीपीआरओ कार्यालय को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद पंचायत भवन का नए भवन में संचालन प्रारंभ हो जाएगा। इससे योजनाओं का और भी बेहतर ढंग से संचालन हो सकेगा।
ड्रग वेयरहाउस निर्माण में आएगी तेजी
दवाओं के बेहतर रखरखाव के लिए तहसील क्षेत्र अकबरपुर के तिवारीपुर में ड्रग वेयरहाउस का निर्माण लगभग दो वर्ष से चल रहा है। लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ड्रग वेयरहाउस का निर्माण उत्तर प्रदेश आवास विकास करा रही है। निर्माण के लिए संस्था को सात करोड़ 12 लाख रुपये उपलब्ध भी हो गए। निर्माण तेजी से चला लेकिन आचार संहिता लगने के चलते शेष राशि न उपलब्ध होने पर निर्माण की गति धीमी पड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता आरसी प्रजापति ने बताया कि अब जबकि आचार संहिता समाप्त हो गई है तो शीघ्र ही शेष राशि भी संस्था को मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा।