जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति कर दी है। जांच समिति ने भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज करने की रिपोर्ट दी थी, उस पर भी निर्णय के लिए मामला शासन को भेज दिया गया है।
बीते दिनों लाइसेंसी ताड़ीधारकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर लाइसेंस के नवीनीकरण न होने का आरोप लगाया था। डीएम ने ताड़ीधारकों से बात की तो उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शपथपत्र दिया। इस पर अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई।
टीम ने वीडियोग्राफी के बीच लाइसेंसधारकों का बयान दर्ज किया तो उसमें अवैध धन उगाही का मामला सामने आ गया। बीते दिनों एडीएम रामसूरत पांडेय ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। इसमें भ्रष्टाचार के मामले में जिला आबकारी अधिकारी पर केस दर्ज करने की संस्तुति की गई थी।
डीएम ने बताया कि सबसे जरूरी काम संबंधित लोगों का लाइसेंस नवीनीकरण करना था, वह हो गया। आगे के निर्णय के लिए शासन को पत्रावली भेजी गई है।