अंबेडकरनगर। कागजों पर बिजली की पूरी उपलब्धता के दावे के बाद भी सप्लाई के दौरान उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले बत्ती गुल हो रही है। उमस भरी गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से छोटे बड़े सभी लोग परेशानहाल है। सब स्टेशनों तक पूरी बिजली मिलने के बाद भी ओवरलोडिंग से फूंक रहे ट्रांसफार्मर व पुराने जर्जर तार टूटने के साथ हो लगातार बढ़ती फाल्ट के कारण ही उपभोक्ता त्रस्त हैं।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण के साथ ही शहरी इलाकों में कई कई घंटे तक होने वाली अघोषित बिजली कटौती ने भीषण उमस भरी गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं को दिन के साथ ही रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है। असमय होने वाली बिजली की आंख मिचौली से परेशान लोगों की शिकायत तक नहीं सुनी जा रही। बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था के कारण न सिर्फ शहरी क्षेत्र वरन ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही है। उपकेंद्रों तक तो प्राय: 24 घंटे की बिजली पहुंच रही है, लेकिन उपभोक्ताओं तक बिजली मिल पाना चुनौती बना है।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपकेंद्रों से उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने का कुप्रबंधन ही इसमें बड़ा अड़ंगा लगा रहा है। सब स्टेशन से उपभोक्ताओं के लिए जो बिजली सप्लाई होती है वह शुरुआती दौर में तो कुछ दूर सही सलामत पहुंचती है लेकिन इसके बाद कहीं तार टूटने तो कहीं ट्रांसफार्मर फूंकने और बिजली चोरी के कारण आपूर्ति में बाधा बढ़ती जाती है। इसके चलते ही अधिकांश मामलों में लाइन फाल्ट के चलते ही घंटों बिजली गुल हो जाती है। इसी कारण शहरी क्षेत्र में 24 घंटे के लागू रोस्टर के बावजूद आम लोगों को 14 से 15 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के इतर रोस्टर 8 से 10 घंटे तक ही बिजली की सप्लाई संभव हो पा रही है।
पेयजल से लेकर उद्योगधंधों पर असर
बदतर हो चली विद्युत आपूर्ति का खामियाजा पेयजल से लेकर तमाम उद्योगधंधों पर देखने को मिल रहा है। अकबरपुर नगर समेत जलालपुर व टांडा आदि शहरी क्षेत्रों में बिजली अनियमित ढंग से कटने पर अक्सर पेयजल का संकट खड़ा हो जाता है। नगर के उपभोक्ता रविकांत ने कहा कि पेयजल संबंधी दिक्कत लगातार बढ़ रही है। इसे अत्यंत गंीाीरता से लेने की जरूरत है। उधर आटा व्यवसाई दिवाकर ने कहा कि बिजली न रहने से आटा चक्की आदि चल पाना समय से संभव नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं के गेहूं की पिसाई तय समय पर नहीं हो पा रही है।
सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास
विद्युत आपूर्ति के संकट को लेकर उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं की नाराजगी सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रही है। उपभोक्ताओं ने बाकायदा पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा का इजहार करना शुरू किया है। कई उपभोक्ताओं ने ऊर्जा मंत्री तथा पॉवर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों को टवीट करने के बाद उसका स्क्रीन शॉट लगाते हुए फेसबुक पर समस्या का जिक्र किया है। उपभोक्ताओं ने लिखा कि पिछले कई दिनों से हालात अत्यंत खराब हो गए हैं। जिम्मेदारों को इसके लिए जरूरी प्रबंध अविलंब सुनिश्चित करना होगा।