अंबेडकरनगर। वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक विधायक निधि के रूप मं मिले साढ़े 8 करोड़ रुपये की राशि की तुलना में विधायक आलापुर ने शतप्रतिशत राशि विकास कार्यों पर खर्च कर दी। 108 परियोजनाओं पर खर्च की गई राशि में सबसे अधिक राशि सड़क निर्माण की 27 परियोजनाओं पर खर्च किया गया। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल व प्रकाश की भी तमाम परियोजनाओं पर निधि की राशि खर्च की गई। इस बीच क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पांच वर्ष के कार्यकाल में बड़ी परियोजना नहीं आई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में और भी बेहतर कार्य कराए जा सकते थे। तमाम पुलों का निर्माण नहीं हो पाया।
विधानसभा क्षेत्र में अधिक से अधिक विकास कार्य हो सकें, इसके लिए विधायक निधि के रूप में प्रत्येक विधायक को अब प्रति वर्ष 3 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। पहले यह रकम दो करोड़ थी। इसी क्रम में आलापुर विधायक अनीता कमल को साढ़े आठ करोड़ रुपये की राशि विधायक निधि के रूप में उपलब्ध हुई। विधायक ने निधि की राशि का प्रयोग कुल 108 परियोजनाओं पर खर्च किया। इसमें सर्वाधिक ध्यान सड़क निर्माण व नवीनीकरण पर दिया गया। जिला ग्राम्य अभिकरण से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में डेढ़ करोड़ की राशि उपलब्ध हुई। सड़क की 10 परियोजना पर 78 लाख 81 हजार, चिकित्सा के 12 परियोजना पर 8 लाख 89 हजार, ग्रामीण आवास की 3 परियोजना पर 21 लाख 57 हजार रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2018-19 में 2 करोड़ रुपये की राशि मिली।
इसमेें सड़क की 9 परियोजना पर 1 करोड़ 7 लाख 6 हजार, लैपटॉॅप की एक परियोजना पर 1 लाख 13 हजार, विद्युतीकरण की 1 परियोजना पर 1 लाख 66 हजार, शिक्षण संस्थान की 2 परियोजना पर 9 लाख 89 हजार रुपये, ग्रामीण आवास की 7 परियोजना पर 52 लाख 50 हजार, लघु उद्योग की 1 परियोजना पर 65 लाख 5 हजार, चिकित्सा की 2 परियोजना पर 2 लाख 25 हजार रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2019-20 में मिले 2 करोड़ रुपये की राशि में सोलर लाइट की 1 परियोजना पर 69 लाख 35 हजार, कोविड की 1 परियोजना पर 15 लाख, विद्युतीकरण की 1 परियोजना पर 9 लाख 37 हजार, शिक्षण संस्थान की 12 परियोजना पर 59 लाख 81 लाख, सड़क की 6 परियोजना पर 47 लाख 30 हजार रुपये खर्च किए। वर्ष 2021-22 मेें मिले 3 करोड़ में सड़क की 19 परियोजना पर 1 करोड़ 45 लाख 6 हजार, यूपीएसआईसी कानपुर की 6 परियोजना पर 95 लाख 9 लाख, शिक्षण संस्थान की 12 परियोजना पर 60 लख रुपये खर्च किए। उधर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विकास कार्य तो हुए, लेकिन पांच वर्ष मेें कोई बड़ी परियोजना नहीं आई। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कार्य कराए जा सकते थे।
क्षेत्र का चहुंओर किया विकास
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मैंने चुनाव के दौरान जो वादे क्षेत्र के लोगों से किए थे, उसे बगैर किसी भेदभाव के एक एक कर पूरा किया। सुचारु आवागमन के लिए बड़े पैमाने पर न सिर्फ सड़क का निर्माण कराया, बल्कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त सड़क को भी दुरुस्त कराया। मजरों तक बिजली पहुंच सके, इसके लिए बड़े पैमाने पर कार्य कराया। पेयजल, प्रकाश व जलभराव जैसी समस्या को दूर कराया। बगैर किसी भेदभाव के सभी क्षेत्र का पूरी तरह से विकास किया गया। विधायक निधि के अलावा शासन से निजी स्तर पर वार्ता कर विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं को क्षेत्र में लाया गया। इसका व्यापक लाभ क्षेत्र के लोगों को मिला भी। -अनीता कमल-विधायक आलापुर
लगातार बनी रहीं समस्याएं
विकास के दावे तो बढ़ चढ़कर किए गए, लेकिन वास्तविकता यह है कि क्षेत्र के लोग लगातार मूलभूत समस्याओं से लगातार जूझते रहे। पेयजल व प्रकाश की बड़ी समस्या बनी रही। अभी भी तमाम गांव ऐसे हैं, जहां तक पहुंचना मुश्कल है। सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन्हेें दुरुस्त नहीं कराया जा सका। विधायक की उपलब्धता भी क्षेत्र में काफी कम रही। इससे क्षेत्र के लोगों को अपनी बात कहने व समस्याओं के निस्तारण के लिए इधर उधर दौडने को मजबूर होना पड़ा। तमाम पुलों का निर्माण नहीं हो सका।
संगीता कनौजिया, रनर प्रत्याशी