अंबेडकरनगर। शिक्षा के बगैर जीवन के मूल्यों को नहीं समझा जा सकता। बेहतर समाज की स्थापना के लिए शिक्षा जरूरी है। ऐसे में जरूरत है कि हर अभिभावक न सिर्फ अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में लगातार प्रयास करे, वरन उनमें चीजों के प्रति जागरूकता का भाव भी जागृत करे। यह विचार सुंदरलाल रामा कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रियंका सिंह ने प्रकट किए। वे कॉलेज में नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत समारोह को बीते दिन बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।
जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव प्रियंका ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षा की महत्ता सभी को समझनी होगी। यदि दृढ़ विश्वास व लक्ष्य स्पष्ट है तो सफलता निश्चित तौर पर मिलती है। इसलिए सभी को पूरी मेहनत व ईमानदारी के साथ शिक्षा हासिल कर देश व समाज के प्रगति में योगदान सुनिश्चित करना होगा। सचिव प्रियंका ने कहा कि सफलता व असफलता जीवन के दो पहलू हैं। यदि सफलता मनुष्य को गौरवान्वित महसूस कराती है तो असफलता भी कमियों से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना की। इससे पहले प्राधिकरण सचिव व कॉलेज की उप निदेशिका ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सचिव ने कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. जयंती चौधरी की ओर से नारी शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय वर्मा ने नए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि नर्सिंग एक सेवा का कार्य है। ऐसे में सभी को अपने दायित्व का निर्वहन पूरी लगन एवं निष्ठा से करना होगा। चेयरमैन डॉ. उमेश चौधरी ने अतिथियों का आभार प्रकट किया। कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी रविमणि चौधरी ने छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए नर्सिंग शिक्षा को पूरी ईमानदारी से ग्रहण करने का आह्वान किया। इस मौके पर अध्यापक मनीष शुक्ल, आशुतोष पाण्डेय, अंशुमान सिंह, सत्यदेव, ऋषि पांडे, कीर्ति सोनकर, अनीता, अंजली, काजल, सौम्या आदि मौजूद रहे।