प्रकृति हमें कितना कुछ देने को तत्पर रहती है पर हमारी व्यस्त दिनचर्या व बढ़ती ज़रूरतों के कारण न तो हम उसे सहेज कर रख पाते हैं और न ही कुछ लौटा पाते हैं। यही सोचते-सोचते एक दिन हरप्रीत को ख्याल आया कि अपनी भूमि को हमें कुछ देना चाहिए, वही भूमि जिसके होने से ही हमारा अस्तित्व है। इसलिए उन्होंने 'अर्थली क्रिएशंस' के माध्यम से एक कोशिश की है अपनी प्रकृति को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने की।
यह कल्पना सिर्फ एक कलाकार के दिमाग में ही आ सकती थी। हरप्रीत की रुचि मिट्टी के बर्तन (पॉटरी) बनाने में थी, उसको ही एक नया रूप दिया उन्होंने अपने टेराकोटा पॉटरी लाइन 'अर्थली क्रिएशंस' के माध्यम से। मास्टरपीस बनाने के लिए उन्होंने अपने साथ रखा 40 कुम्हारों (पॉटर्स) को। लोग उनके इंटीरियर और एक्सटीरियर डिजाइंस के कायल बन चुके हैं।
अपने स्थापित कॉरपोरेट करियर को त्यागना आमतौर पर बहुत मुश्किल होता है पर हरप्रीत ने वह कर दिखाया, प्रकृति के लिए इस सोशियो-इकोनॉमिक पहल को शुरू कर। 'अर्थली क्रिएशंस' एक टेराकोटा पॉटरी लाइन है, जहां हरप्रीत के मार्गदर्शन में मूर्तियां और डिजाइनर गमले बनाए जाते हैं। वे मिट्टी की क्वॉलिटी, रंग, डिजाइन, टेक्सचर आदि का चयन और जांच खुद करती हैं। इस प्रयास में काफी आगे बढ़ते हुए वे बहुत कुछ हासिल कर चुकी हैं।
- वे देश में बागवानी को एक अलग स्तर पर ले जाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने उसे एक बिलकुल अलग सोच और दिशा देने का काम किया है। हरे-भरे लॉन, झाडिय़ों और गोलाकार गमलों को सुंदर रूप देने की कोशिश में हैंगिंग्स, डैंगलर्स, वॉटर बॉडीज और पक्षी और जानवर रूपी गमले डिजाइन किए हैं।
- उनकी रचनाओं में सौंदर्य और गुणवत्ता के मिले-जुले रूप की विशेष झलक होती है।
- जानवर और पक्षियों से लेकर ए टु जेड की डिजाइंस बनानी हों या थीम वाले पाक्र्स, विचार बस यही था कि उन्हें देखकर छोटे बच्चे सम्मोहित हो जाएं और आगे जाकर वे इससे बेहतर बनाने का निश्चय कर लें।
- इसके माध्यम से 40 मूर्तिकारों को आजीविका उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही उनके परिवारों का भी विशेष ख्याल रखा गया है। इसके लिए उनकी आम जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई आदि का ध्यान रखा जाता है।
उपलब्धियां
- उपहारों के चलन में बदलाव आया है। उनकी सुंदर कृतियों को लोग कॉरपोरेट सम्मान समारोहों, स्कूल की खेलकूद गतिविधियों व वार्षिक समारोहों, त्योहारों में उपहार या रिटर्न गिफ्ट स्वरूप एक-दूसरे को देते हैं। इससे लोगों में एक संदेश भी जाता है- आज और हमेशा जानवरों के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करें और लोगों को पौधे गिफ्ट करें।
- कई दफ्तरों, बिल्डिंग्स और क्लब्स में बगीचों को थीम पार्क में बदलवा दिया है।
स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य आदि को बढ़ावा देने के साथ ही उन्होंने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसके माध्यम से लोकल संसाधनों व हुनर को भरपूर प्रयोग किया जा रहा है। इससे उनके रचनात्मक विचारों को एक रूप प्रदान किया जा रहा है। इस पहल में कॉरपोरेट व बिजनेस हाउसेज, स्पोट्र्स एसोसिएशंस, क्लब्स व आम जनों को शामिल किए जाने का भी मकसद है।
- गमले रूपी किसी जानवर या पौधे को लगाकर उन्हें संरक्षित करने का संदेश जाता है।
- थीम पाक्र्स में ऐसी सुंदर कलाकृतियां या सजावट लोगों को वहां आने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
- बोर्ड रूम्स, कैंटींस या कार्य क्षेत्रों को हरा-भरा रखने से वहां ताजगी का एहसास होता है।
- त्योहारों व अन्य मौकों पर इस तरह के उपहार देने से लोग इन्हें ताउम्र सहेज कर व याद रखते हैं।
इन गमलों को बजट का ध्यान रखते हुए बनाया गया है, जिससे कि ये हर किसी तक आसानी से पहुंच सकें। 'अर्थली क्रिएशंस' अपने बिजनेस को एक नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है, वे अपने स्तर को अधिक बेहतर बना रहे हैं।
मैनेजमेंट प्रोफेशनल, हरप्रीत आहलूवालिया दिल से एक कलाकार, स्वभाव से एक्सप्लोरर और फिलहाल एक क्रिएटर हैं। उनकी इस यात्रा को शुरू हुए 10 वर्ष का समय हो चुका है। शैक्षिक योग्यता के तौर पर उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएट सर्टिफिकेट हासिल किया है, जिसमें मार्केटिंग/फाइनेंस में मेजर किया है। उसके अलावा वे यूनिवर्सिटी टॉपर और इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके साथ ही उन्हें गार्डनिंग एंड एनवायरमेंटल स्पेस में एक्सपर्टीज हासिल है, जिससे टेराकोटा गार्डन एक्सेसरीज और डेकोरेशंस को वे नया रूप दे पाती हैं।
एक कलाकार के तौर पर वे एनवायरमेंटल और हीलिंग साइंस के बीच फ्यूजन तैयार करती हैं, वे आर्टिफैक्ट्स और कॉरपोरेट गिफ्टिंग के लिए नए डिजाइंस तैयार करती हैं। उनके मीडियम्स ऑफ क्ले, रिलीफ वर्क, मिक्स्ड मीडियम्स, मुराल्स, कैलिग्राफी और टेराकोटा के कामों को काफी सराहना मिलती है। उनकी बनाई हुई चीजें प्रकृति, आबोहवा और पेड़-पौधें से प्रेरित होती हैं। उनको वे उर्जा चक्रों - रेकी और प्राणिक, की मदद से खास बनाती हैं।
वे 'अर्थली क्रिएशंस' की संस्थापक और मुख्य डिजाइनर हैं - जिसकी स्थापना लोगों व मूर्तिकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए की गई थी। अभी तक उनके इस कार्य में उन्हें 1 लाख से अधिक लोगों का सहयोग मिल चुका है, जिनका मकसद दुनिया को सुंदर व प्राकृतिक आबोहवा से भरपूर बनाना है। अब तक वे 800 से अधिक कॉन्सेप्ट बना चुकी हैं, जिनमें मुख्य रूप से जानवर व पक्षी रूपी गमले, वॉटर बॉडीज, घोंसले आदि शामिल हैं।