अंबेडकरनगर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने पोषण से जुड़ी सभी योजनाओं में पारदर्शिता व प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने के लिए ई केवाईसी व फेस कैप्चर को अनिवार्य कर दिया है। जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का प्रमाणीकरण अब केवल आधार सत्यापन और चेहरा पहचान प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है।
प्रक्रिया पोषण ट्रैकर एप के जरिए पूर्ण की जा रही है, जिसके लिए सभी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके सिंह ने बुधवार को सीडीपीओ के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की और प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत गर्भवती, धात्री व अन्य पंजीकृत लाभार्थियों को आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से ई केवाईसी कराना होगा।
इसके साथ ही उनका चेहरा पहचान कर फेस कैप्चर भी किया जाएगा। जिन लाभार्थियों को ओटीपी साझा करने में असुविधा है, उन्हें स्वयं पोषण ट्रैकर एप के ‘बेनिफिशियरी मॉड्यूल’ में जाकर ई केवाईसी एवं फेस कैप्चर की सुविधा दी गई है।
इसके लिए जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कार्यकर्ताओं को उनके पंजीकृत केंद्र क्षेत्र के लाभार्थियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। विभागीय स्तर पर भी दैनिक समीक्षा की जा रही है। इस दौरान मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी संघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही।