जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब दो साल से सील जहांगीरगंज क्षेत्र के माडरमऊ मार्ग स्थित अमन हॉस्पिटल में 14 मई को एक प्रसूता का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उसकी लगातार हालत बिगड़ती चली गई। सोमवार की शाम आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में महिला की मौत होने के बाद परिजन शव लेकर अमन हॉस्पिटल पहुंचे। कथित डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर आरोपी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया है। हॉस्पिटल संचालक पर पिछले वर्ष भी एक मुकदमा दर्ज किया गया था।
राजेसुल्तानपुरके महारामपुर गांव निवासी धीरज यादव ने अपनी पत्नी नीतू को 14 मई को जहांगीरगंज के अमन अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। बच्चे को जन्म देने के बाद नीतू की हालत बिगड़ गई थी। संचालक डॉ. जेपी यादव ने अपने दूसरे अस्पताल आजमगढ़ के कनैला अतरौलिया में भर्ती कराया था। यहां कई दिनों तक इलाज के बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई। इसपर परिजनों ने महिला को आजमगढ़ के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया था। यहां महिला का दूसरा ऑपरेशन करना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और सोमवार की रात महिला की मौत हो गई।
इसके बाद परिजन शव लेकर जहांगीरगंज के अमन अस्पताल पहुंचे। यहां परिजनों ने जमकर हंगामा काटा और कथित डॉक्टर पर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का आरोप लगाया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। साथ ही कथित डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पति धीरज और देवर सूरज कुमार की शिकायत पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में डॉक्टर के विरुद्ध केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है।
सील होने के बाद भी चलता रहा अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते अमन हॉस्पिटल हमेशा चर्चा में बना रहता है। दो जून, 2023 को अमन हॉस्पिटल को तमाम शिकायतों के बाद तत्कालीन एसडीएम सौरभ शुक्ला, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके बादल, सीएचसी प्रभारी डॉ. उदय चंद यादव की संयुक्त टीम ने सील कर दिया था, लेकिन विभागीय मिलीभगत से अस्पताल का संचालन होता रहा। बीच-बीच में भी उसके खिलाफ शिकायतें आईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की सह संचालक को प्राप्त थी।
एक वर्ष पूर्व चला था अभियान
अमन हॉस्पिटल को एक बानगी भर है। नगर पंचायत जहांगीरगंज में लगभग एक दर्जन फर्जी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। करीब एक वर्ष पूर्व एक अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने अभियान चलाकर एक दर्जन अस्पतालों को सील कराया था, लेकिन इनमें से ज्यादातर अस्पताल बिना रोक-टोक के संचालित हो रहे हैं।